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उटांबर मामले में 3 गिरफ्तार, 7 दिन में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद मामला शांत

2 वर्ष पहले
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विधानसभा चुनाव परिणामों के दिन उटाम्बर में हुए दो पक्षों में विवाद व मारपीट मामले में एक सप्ताह में आरोपियों को गिरफ्तार करने के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हो गए। एक पक्ष के लोगों ने गुरुवार को शेरगढ़ के पूर्व विधायक बाबूसिंह राठौड़ के नेतृत्व में उटाम्बर व रातवसर में विरोध प्रदर्शन किया। चार किलोमीटर पैदल मार्च निकाला। पूर्व विधायक राठौड़ समर्थकों के साथ उटाम्बर गांव पहुंचे। रणवीरसिंह के परिवार से मिलकर परिवार में दो बालिकाओं के लगी चोट को देखी। फिर समर्थकों को साथ लेकर उटाम्बर से चांचलवा पैदल रवाना हो गए। चार किलोमीटर तक अपने समर्थकों व उटाम्बर के ग्रामीणों के साथ पैदल रावतसर पहुंचे। वहां पर सरकारी स्कूल के आगे जाकर बैठ गए। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं प्रशिक्षु आरपीएस विनोद कुमार ने बताया कि मामले में रज्जाक पुत्र रोशन खां, सिकंदर पुत्र इकबाल खां, कमरूदीन पुत्र अस्कर छीपा उटाम्बर को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह भाटी, पुलिस उपअधीक्षक अजीतसिंह उदावत सहित पुलिस अधिकारियों ने वार्ता की। जिसमें पुलिस ने आश्वासन दिया कि सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कार्रवाई नहीं हुई तो पुन: धरना दिया जाएगा। इस मौके पर प्रधान बाबूसिंह इंदा,भंवरसिंह पंवार, ओमदान चारण, भाजपा बालेसर मंडल अध्यक्ष रेवंतसिंह इंदा, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बजरंग शर्मा, किशोर शर्मा व पप्पुराम कच्छहावा सहित कई लोग उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते बाबूसिंह राठौड़ और पैदन मार्च के लिए निकले राठौड़ व ग्रामीण।

वायरल वीडियो में नाराजगी जता रहे राठौड़- पुलिस सुरक्षा नहीं कर सकती तो लाइसेंस दे, मेरे हाथ में तलवार दो, मैं इलाज कर दूंगा

इस मामले से संबंधित वायरल वीडियो में पूर्व विधायक बाबूसिंह राठौड़ एक सभा में अपनी नाराजगी जता रहे हैं। इस वीडियो में राठौड़ कहते हैं कि पुलिस सु़रक्षा नहीं कर सकती तो हमें लाइसेंस दे। मेरे हाथ में तलवार दे दो, मैं इलाज कर दूंगा। हमारी बहन-बेटियों की आबरू लूटने की कोशिश की, ऐसे लोगों का काला मुंह करो। मैंने हाथ में चूड़ियां नहीं पहनी है। मुझसे बर्दाश्त नहीं होता। इसके बाद वे सबको अपने साथ चलने का आह्वान करते हैं। जिसमें हिम्मत हो साथ चले। पुलिस कुछ नहीं करती, कुछ करने वाली नहीं। इलाज अपने को ही करना होगा। बहन-बेटी की इज्जत लूटने को गाड़ी में ले जा रहे थे, मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा।

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