राजस्थान / जेल में गिरोह बना प्रदेश में 14 से ज्यादा चोरियां की, 2 गिरफ्तार

  • जेल से निकलते ही बदमाशों ने पूरे प्रदेश में चोरियां करना शुरू कर दिया

Dainik Bhaskar

Feb 19, 2019, 05:57 PM IST

कोटा. कुन्हाड़ी पुलिस ने चार पहिया वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए प्रदेश में हो रही चोरियों का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने भीलवाड़ा की गुलाबपुरा जेल में बंद रहने के दौरान वाहन चोर गिरोह खड़ा कर लिया। दोनों बदमाश अवैध शराब व अन्य मामलों में जेल में बंद हुए थे। जेल से निकलते ही बदमाशों ने पूरे प्रदेश में चोरियां करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने कोटा, अजमेर, भीलवाड़ा और बूंदी में भी वाहन चोरी की 14 से ज्यादा वारदातें कबूल की हैं।

एसपी दीपक भार्गव ने बताया कि 20 अगस्त 2018 और 13 फरवरी 2019 को कुन्हाड़ी इलाके से डंपर चोरी की वारदातें हुईं। इसके बाद पुराने बदमाशों, चालानशुदा बदमाशों से मामले में पूछताछ की और मुखबिरों को एक्टिव किया गया। सीआई मुनिन्द्र सिंह की टीम को इनकी गिरफ्तारी के लिए लगाया गया। इस टीम ने कोटा की सीमा में आने वाले सभी टोल-नाकों के करीब 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो पता चला कि देशराज पुत्र भूरालाल निवासी देईखेड़ा, बूंदी और जगदीश पुत्र प्रभु माली निवासी विजय नगर, अजमेर नामक बदमाश चोरियां कर रहे हैं।

दोनों को बूंदी के देईखेड़ा से डिटेन किया गया और थाने लाकर पूछताछ की गई। कड़ी पूछताछ के दौरान नांता से बदमाशों ने डंपर चोरी करना कबूल किया। कोर्ट ने दोनों को 20 फरवरी तक रिमांड पर सौंप दिया है।

ट्रक चालक बनकर रैकी करता था बदमाश

मुनिन्द्र सिंह ने बताया कि देशराज कोटा में ट्रक चालक है और इसी दौरान रैकी करके वाहन चुराने की वारदातों को अंजाम देता है। जगदीश के साथ मिलकर उसने जेल में वाहनों की चोरी करने की प्लानिंग की थी। वाहन खरीदने के लिए नानूराम निवासी नीम का खेड़ा को तैयार किया गया था। बदमाश इतने शातिर हैं कि उन्होंने वाहन चोरी करने के बाद टाेल नाकों व मोबाइल का प्रयोग भी नहीं किया। लेकिन, पुलिस ने उन्हें उनके ही पैंतरों से अपने जाल में फंसा लिया।

बदमाश चोरियां करके कमाए पैसों को शराब पीने व अय्याशी करने में उड़ाते आए हैं। बदमाशों ने बूंदी से 10 चक्का ट्रक, कुन्हाड़ी से दो डंपर, डाबी से एक ट्रैक्टर और मांडलगढ़, भीलवाड़ा से ट्रैक्टर चोरी का खुलासा किया है। बदमाश भीलवाड़ा और अजमेर में भी कई मुकदमों में वांछित हैं। पुलिस टीम में डीएसपी भंवर सिंह हाड़ा, सीआई मुनिन्द्र सिंह, एएसआई धर्मपाल, हैड कांस्टेबल राजेन्द्र, कैलाशचंद्र और बहादुर सिंह शामिल रहे।

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