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भास्कर स्टिंग/ मोस्टवांटेड के फोटो एसपी ने जारी किए, नहीं पहचान पाई पांच थानों की पुलिस

Dainik Bhaskar | Feb 19, 2019, 03:25 AM IST
राहुल रिणाऊ और विक्रम मीणा।
-- पूरी ख़बर पढ़ें --

सीकर (विक्रम सिंह सोलंकी/विशालसैनी).मोस्टवांटेड विक्रम मीणा 10 हजार का इनामी बदमाश। वांटेड नटरवाल, पवन बानूड़ा और 10 हजार का ही इनामी बदमाश राहुल रिणाऊं। यह अपराध के चेहरे हैं, जिन्हें शायद आप भी जानते हैं। लेकिन पुलिस उन्हें फोटो देखकर भी नहीं पहचान पाई। पुलिस ने कुछ दिनों पहले ही जिले के 10 मोस्टवांटेड अपराधियों की सूची जारी कर 10 हजार का इनाम भीघोषित किया था। दैनिक भास्कर ने एसपी डॉ. अमनदीप सिंह कपूर के साथ मिलकर सात दिन तक एक स्टिंग ऑपरेशन किया। एक पुलिसकर्मी भी हमारे साथ रहा।Advertisement

7 दिन : 2 रिपोर्टर, 1 कांस्टेबल

  1. भास्कर टीम ने उद्योग नगर पुलिस सीकर व कोतवाली, रानोली पुलिस थाना, खंडेला व लक्ष्मणगढ़ में इन अपराधियों की फोटो के साथ स्थानीय लोगों को थाने में पुलिस वेरिफिकेशन के लिए भेजा। इन अपराधियों का किरायेदार का फॉर्म बनाकर सबमिट किया।कांस्टेबल को मोस्ट वांटेड के फोटो दिखाए। नाम भी बताए। किसी ने शक नहीं जताया, बल्कि ये कहा कि आराम से रख लो किरायेदार। पुलिस को अपराधियों के फोटोशॉप्ड आईडी भी दिए। सबने कहा-किराएदार रख लिया ना...। दस्तावेज ले लिए हैं, फोन कर देंगे।  नियमानुसार पुलिस को किरायेदार का वेरिफिकेशन तीन दिन के भीतर करना होता है। 14 फरवरी को आईजी ने राहुल, सुभाष व विक्रम को संभाग का मोस्टवांटेड घोषित किया।

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  2. राहुल रिणाऊ : 10 हजार का इनामी बदमाश

    10 हजार के इनामी बदमाश राहुल रिणाऊं की फोटो व फर्जी आईडी देकर एक ग्रामीण को रानोली थाने भेजा। हैडकांस्टेबल बाबूलाल मिले। अपराधी की फर्जी आईडी वाले दस्तावेज दिए। - रानोली थाना

  3. विक्रम मीणा : 10 हजार का इनामी बदमाश

    सीकर कोतवाली। 10 हजार इनामी बदमाश विक्रम मीणा की फोटो लेकर शहरवासी को भेजा। गेट पर सिपाही मोटाराम मिले। अपराधी की फोटो व आईडी दिखाई तो बताया कि बीट कांस्टेबल जांच करने के लिए आएगा। - कोतवाली सीकर

  4. भास्कर की मदद से लापरवाही सामने आई

    दैनिक भास्कर की मदद से जिले में पुलिस वेरिफिकेशन की मौजूदा स्थिति को जानने के लिए स्टिंग करवाने का फैसला किया। पुलिस को तत्परता दिखानी थी, उसमें ढील दे दी, जबकि कुछ दिन पहले ही साफ फोटो जारी किए थे। कई बार अखबारों में भी बदमाशों की खबर को प्रकाशित किया गया था। अब अपील है कि पुलिसकर्मी लापरवाह कार्यशैली में बदलाव लाएं। आगे भी ऐसे ऑपरेशन किए जाएंगे। -डॉ. अमनदीप सिंह कपूर

  5. पुलिस मोस्टवांटेड को भी ना पहचाने, बर्दाश्त नहीं

    मोस्टवांटेड। ये शब्द ही पुलिस को सकते में डालने के लिए काफी है। दुर्भाग्य से सीकर पुलिस इन्हें पहचानती ही नहीं। पांच थानों में इन मोस्टवांटेड के किरायेदार के रूप में वेरिफिकेशन के फॉर्म, आईडी और फोटो जमा हैं, लेकिन सात दिन बाद भी यह पुलिसकर्मियों की ‘दराज’ से बाहर नहीं निकल पाए हैं। सीकर की जनता ये तो बर्दाश्त नहीं ही कर सकती कि पुलिस मोस्टवांटेड अपराधियों को भी नहीं पहचान पाए।

     

    हैरानी तो तब होती है, जब खुद पुलिस अधीक्षक फोटो वाली सूची सिर्फ तीन दिन पहले जारी करते हैं। ये भी तब जब सीकर जिले में 55 हजार से ज्यादा लोग व स्टूडेंट्स किरायेदार के तौर पर यहां रहते हैं। पुलिस हर साल कम से तीन आदेश निकालती है कि मकान मालिक बिना वेरिफिकेशन के किरायेदार नहीं रखेगा। पुलिस भी हर साल इनामी बदमाशों की सूची भी जारी करती है।

     

    पुलिस क्या खुद इन अपराधियों को पहचानती है? यह देखने के लिए एसपी डॉ. अमनदीप सिंह कपूर के साथ स्टिंग ऑपरेशन करवाया गया। एसपी सिंह की तारीफ करना चाहते हैं, जिन्होंने पुलिस को सजग करने के लिए ‘भास्कर’ के साथ लापरवाह पुलिसकर्मियों को जनता के सामने एक्सपोज किया। - किरण राजपुरोहित

     

    (भास्कर के पास कई थानों की पड़ताल के वीडियो व फोटो मौजूद है। सभी वीडियो एसपी को सौंप दिए हैं।)