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विवाद/ स्कूल का नामकरण शहीद के नाम करने के विरोध में ग्रामीणों ने दिया धरना

Dainik Bhaskar | Sep 12, 2018, 03:23 PM IST
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पाटन. ग्राम रामपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का नामकरण शहीद सुनील यादव के नाम से किए जाने के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने स्कूल गेट के सामने धरना देकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों से समझाइश कर स्कूल संचालन में व्यवधान नहीं पैदा करने के लिए पाबंद किया। इस पर ग्रामीणों ने थानाधिकारी सवाईसिंह को केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और स्कूल संचालन में व्यवधान नहीं करने के लिए आश्वस्त किया।Advertisement

अभिभावकों ने बच्चों को दूसरे स्कूल में पढ़ने भेजा

  1. ग्रामीणों का आरोप- शहीद सुनील यादव का गांव छावनी है

    रामपुरा स्कूल का नामकरण शहीद सुनील यादव के नाम किए जाने के पीछे ग्रामीणों का आरोप है कि शहीद सुनील यादव का गांव छावनी है, वहीं पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था तथा उनकी मूर्ति का निर्माण भी नीमकाथाना के नेहरू पार्क में ही किया गया है। ऐसे में रामपुरा गांव के स्कूल का नामकरण शहीद के नाम किया जाना उचित नहीं है। 

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  2. स्कूल की जमीन की खातेदारी भी है विरोध का कारण

    रामपुरा स्कूल की जमीन गांव के गंगादत्त, कानाराम, ग्यारसालाल, सुवालाल, बाबूलाल, प्रेमाराम, रामोतार, अमरसिंह, लालचंद यादव समेत उनके परिजनों के नाम है। यह भी एक कारण है कि जमीन के खातेदार भी स्कूल के नामकरण का विरोध कर रहे हैं।

  3. राज्य सरकार ने नियमानुसार ही नामकरण किया है : प्रधानाचार्य

    रामपुरा उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य किशनसिंह का कहना है कि उनके पास शहीद वीरांगना का आवेदन स्कूल का नामकरण शहीद के नाम करने के लिए आया था। उसे राज्य सरकार को भिजवा दिया था। एसडीएमसी के सदस्य नामकरण को लेकर एकमत नहीं थे। शहीद का पैतृक गांव रामपुरा होने के कारण राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार स्कूल का नामकरण शहीद के नाम किया गया है।

  4. राजनीतिक के चलते किया जा रहा है विरोध : शहीद के पिता

    शहीद के पिता सांवलराम यादव का कहना है कि स्कूल का नामकरण राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार किया गया है। शहीद के नाम पर स्कूल के नामकरण का राजनीतिक षड्यंत्र के चलते विरोध किया जाना शर्मनाक है। खातेदारी जमीन के बदले गांव के लोगों द्वारा खातेदारों को दूसरी जमीन दे दी गई थी।