3 साल बाद ट्रेन सीकर से जयपुर ब्रॉडगेज ट्रैक पर, समय-किराया मीटरगेज जितना ही

सोमवार को रींगस-जयपुर के बीच उद्घाटन ट्रेन की रवानगी के साथ ही शेखावाटी का ब्रॉडगेज ट्रैक एक बार फिर आपस में जुड़...

Bhaskar News Network

Oct 22, 2019, 11:46 AM IST
सोमवार को रींगस-जयपुर के बीच उद्घाटन ट्रेन की रवानगी के साथ ही शेखावाटी का ब्रॉडगेज ट्रैक एक बार फिर आपस में जुड़ चुका है। 97 साल पहले 11 दिसंबर 1922 काे सीकर-जयपुर के बीच मीटर गेज ट्रेन की शुरुअात हुई थी। इसके बाद ब्रॉडगेज लाइन बिछाने के लिए 15 नवंबर 2016 को सीकर-जयपुर मीटर गेज ट्रेन बंद कर दी गई। तीन साल का इंतजार मंगलवार को खत्म होगा। मंगलवार से सीकर-जयपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन शुरू होगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। मंगलवार सुबह ट्रेन 10.30 बजे रवाना होकर दोपहर 1.10 बजे सीकर पहुंचेगी। वापसी पर दोपहर 2 बजे जयपुर के लिए रवाना होगी। दिलचस्प यह है कि जयपुर पहुंचने में 2.55 घंटे लगेंगे, जबकि 2016 में मीटरट्रेन में भी करीब 3 घंटे ही लगते थे। महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद शेखावाटी ब्रॉडगेज ट्रेक पर तीन नई ट्रेनें शुरू होगी। जयपुर रेल मंडल द्वारा इसका प्रस्ताव बोर्ड को भिजवाया हुआ है। नवंबर में एक्सप्रेस ट्रेन शुरू हो सकती है। ट्रेन ढाई घंटे में जयपुर पहुंचाएगी। किराया 50 रुपए होगा।

11 दिसंबर, 1922

स्टेट रेलवे ने सीकर में स्टेशन का निर्माण करवाया। 12 जुलाई 1922 को स्टेशन पर पहली ट्रेन पहुंची। इसे बालिश ट्रेन नाम दिया था। 11 दिसंबर 1922 को जयपुर से सीकर के बीच नियमित संचालन शुरू हुआ।

रोडवेज से 95 रुपए कम लगेंगे,1500 यात्रियों को होगा फायदा

सीकर-जयपुर के बीच तीन साल बाद भी ट्रेन के किराए में बढ़ोतरी नहीं हुई है। 2015 में इस ट्रैक पर ट्रेन बंद होने पर 25 रुपए किराया था। आज तक इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अकेले एक ट्रेन से ही करीब 1500 यात्रियाें को किराए में 1.40 लाख रुपए की बचत हाेगी। क्याेंकि राेडवेज में 120 रुपए किराया वसूला जाता है।

सीकर-जयपुर के बीच जुड़ेंगे उद्योग

लघु उद्योग : सीकर में मिनी इंडस्ट्रीज डवलप होगी। ट्रेन से कम किराए में लोग कच्चा माल मंगवाकर इसे तैयार कर वापस भिजवा सकेंगे। वहीं ट्रांसपोर्ट के जरिए माल कम किराए में पहुंचेगा। लोगों को सस्ता मिलेगा।

सेंट्रल प्वाइंट : सीकर शेखावाटी का सेंट्रल प्वाइंट है। दिल्ली, जयपुर और चूरू की ओर आने वाली ट्रेनों को सीकर से डायवर्ट किया जा सकेगा। स्टूडेंट्स सहित अन्य लोगों का आवागमन बढ़ने से सीकर की इकोनॉमी बढ़ेगी।

मेडिकल कॉलेज : ट्रेनों से आवाजाही की सुविधा बढ़ने के कारण सीकर के मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना आसान होगा। अगले साल सीकर का मेडिकल काॅलेज शुरू हो रहा है। बाहरी इलाकों से लोग यहां इलाज के लिए पहुंच सकेंगे।

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दिल्ली सेेे जुड़ने के 4 साल बाद जुड़ा जयपुर

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