- गुरुवार को गणेशजी को जनेऊ और दूर्वाचढ़ाएं, पूजा में बोलें 12 मंत्र
Dainik Bhaskar
Sep 11, 2019, 01:21 PM ISTजीवन मंत्र डेस्क। गुरुवार, 12 सितंबर को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है, इसे अनंत चतुर्दशी कहते हैं। ये गणेश उत्सव का अंतिम दिन है और इस दिन गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। दैनिक भास्कर के आग्रह पर अधिकतर भक्तों ने भगवान श्रीगणेश की मिट्टी की मूर्ति अपने घरों में स्थापित की है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार मिट्टी की गणेशजी प्रतिमा का विसर्जन घर में ही किया जा सकता है।
ऐसे करें गणेशजी की पूजा
- अनंत चतुर्दथीकी सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद मिट्टी से बनी भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा की पूजा का प्रबंध करें। भगवान श्रीगणेश को जनेऊ पहनाएं। अबीर, गुलाल, चंदन, सिंदूर, इत्र आदि चढ़ाएं। पूजा का धागा अर्पित करें। चावल चढ़ाएं।
- गणेशजी के मंत्र बोलते हुए 21 दूर्वा दल चढ़ाएं। 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। कर्पूर से भगवान श्रीगणेश की आरती करें। पूजा के बाद प्रसाद अन्य भक्तों को बांट दें। अगर संभव हो सके तो घर में ब्राह्मणों को भोजन कराएं। दक्षिणा दें। इसके बाद ही स्वयं भोजन करना चाहिए।
- पूजा में बोलें गणेशजी के 12 नाम मंत्र - गणेशजी को 21 दूर्वा दल चढ़ाएं और दूर्वा चढ़ाते समय नीचे लिखे मंत्रों का जाप करें।
- ऊँ गणाधिपतयै नम:, ऊँ उमापुत्राय नम:, ऊँ विघ्ननाशनाय नम:, ऊँ विनायकाय नम:, ऊँ ईशपुत्राय नम:, ऊँ सर्वसिद्धप्रदाय नम:, ऊँ एकदन्ताय नम:, ऊँ इभवक्त्राय नम:, ऊँ मूषकवाहनाय नम:, ऊँ कुमारगुरवे नम:
पूजा के बाद करें प्रतिमा का विसर्जन
गणेशजी की पूजा के बाद घर में साफ बर्तन में शुद्ध पानी भरें और उस पानी में गणेश प्रतिमा विसर्जित करें। कुछ ही देर में मिट्टी की प्रतिमा गल जाएगी। बाद में ये मिट्टी घर में गमले में डाल सकते हैं। इस में कोई शुभ पौधा लगा सकते हैं।