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मनुसंह‌िता/ शाम के समय भूलकर भी न करें ये 5 काम, घर में आती है दरिद्रता



Dainik Bhaskar

Sep 25, 2018, 01:18 PM IST

रिलिजन डेस्क. हिंदू शास्‍त्रों और पुराणों में बेहतर और खुशहाल जीवन जीने के कई उपाय और न‌ियम बताए हैं। यदि मनुष्य इन नियमों की अनदेखी करता है तो इसे इसके विपरीत प्रभाव उसके व परिवार के जीवन पर पड़ता है। मनुसंह‌िता में ऐसे से चार काम बताएं हैं जिन्हे शाम के समय करना निशेध माना गया है। आइए जानते हैं इन कामों के बारे में....

 

श्लोक
'चत्वार‌खिलु  कार्याण‌ि संध्याकाले व‌िवर्जयेत्। 
आहारं मैथुनं न‌िद्रां स्वाध्यायन्च चतुर्थकम्।। 

 

1. यानी सूर्यास्त के समय भोजन नहीं करना चाह‌िए। कहते हैं इससे अगले जन्म में पशु योनी में जन्म म‌िलता है।


2. शाम के समय नहीं सोना चाहिए। इससे घर में दरिद्रता आती है और देवी लक्ष्मी भी नाराज होती हैं।


3. सूर्यास्त द‌िन और रात का संध‌िकाल होता है यह ध्यान और साधना का समय होता है। इस समय स्‍त्री और पुरूष को प्रसंग से बचना चाह‌िए। इस समय गर्भधारण से उत्पन्न संतान को जीनव में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


4. शाम को वेद और शास्‍त्रों का अध्ययन नहीं करना चाह‌िए। इस समय ध्यान और साधना करना सही माना गया है।


5. शाम के समय क‌िसी को उधार नहीं देना चाह‌िए। कहते हैं इस समय धन देने से लक्ष्मी घर से चली जाती है।

 

पहला मनुष्य ‘मनु’


- हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार दुनिया में आने वाला सबसे पहला मनुष्य ‘मनु’ था। यह मनुष्य सृष्टि निर्माता ब्रह्माजी के मनस संकल्प से उत्पन्न हुआ था। 


- इसी मनु ने मनुष्यों की सामाजिक-धार्मिक विधि संहिता की रचना की, जिसे ‘मनुस्मृति’ नाम से जाना जाता है।


- मनुस्मृति मानव, धर्म तथा शास्त्रों का मिश्रण है। इस ग्रंथ में दिए गए उपदेश मनु द्वारा ही रचे गए हैं, जिन्हें लिखने के बाद मनु ने इस महान ग्रंथ को ऋषियों को सौंप दिया। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार मनुस्मृति भगवान ब्रह्मा की वाणी है।

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