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पंचांग/ हिन्दू कैलेण्डर: फाल्गुन महीना हो गया शुरू, 4 मार्च को है शिवरात्रि और 20 को होलिका दहन

Dainik Bhaskar | Feb 21, 2019, 06:49 AM IST
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Feb 21, 2019, 06:49 AM IST

रिलिजन डेस्क. हिन्दू कैलेण्डर का आखिरी महीना फाल्गुन 20 फरवरीसे शुरू हो गया है। इस महीने में महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। इस बार महाशिवरात्रि 4 मार्च को मनाई जाएगी। वहीं होलिका दहन 20 मार्च को होगा और 21 मार्च को होली खेली जाएगी। इसकी के साथ फाल्गुन महीना खत्म हो जाएगा और हिन्दू कैलेण्डर का पहला महीना चैत्र शुरू हो जाएगा।

14 मार्च से शुरू होगा होलाष्टक, वैवाहिक कार्याें पर रहेगा विराम

आगामी 14 मार्च से होलाष्टक शुरू हो जाएगा। वहीं मीन संक्रांति होनेे के कारण यानी सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने से विवाह और अन्य मांगलिक काम नहीं किए जाएंगे। 20 मार्च को होलिका दहन के साथ होलाष्टक तो खत्म हो जाएगा लेकिन मीन संक्रांति के कारण 14 अप्रैल के बाद ही मांगलिक कामों की शुरुआत हो पाएगी।

12 मार्च तक है शादी के लग्न

ज्योतिष गणना के अनुसार फरवरी-मार्च में 5 दिन विवाह के लग्न मुहूर्त हैं। इसी कड़ी में 21 फरवरी, 7, 8, 9 और 12 मार्च को विवाह मुहूर्त है। इस दौरान 8 मार्च को फुलेरा दूज होने कारण विवाह आदी मांगलिक कामों के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन बड़ी संख्या में शादी समारोह होंगे। कुछ विद्वानों के अनुसार इसमें सूर्य, गुरु आदि का बल देखने की आवश्यकता नहीं रहती, इसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त कहा गया है।

क्या है इस महीने का महत्व

इस महीने में 4 मार्च को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इस दिन देशभर के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहेगी। फाल्गुन का महीना आते ही वातावरण रंगीन हो जाता है। खेतों में पीली सरसों लहलहाती है, पेड़ों पर पत्तों की हरी कोपलें और पलाश के केसरिया फूल दिखाई देने लगते हैं। ये माह हमें सिखाता है कि हमेशा सकारात्मक सोचें चाहे परिस्थितियां कैसी भी हो। जैसे पेड़ों के पत्ते झड़ने के बाद नए पत्ते आते हैं। वैसे जीवन में दुख के बाद सुख भी आते हैं। मान्यता है कि इस माह की विजया एकादशी (2 मार्च) का महत्व भगवान श्रीराम से जुड़ा है। सीता हरण के बाद लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए जाते समय जब समुद्र बाधा बना। तब श्रीराम ने विजया एकादशी का व्रत कर सागर पार करने में सफलता पाई और युद्ध में विजयी हुए। इस दिन भगवान वासुदेव की पूजा भी की जाती है। होलिका उत्सव को फाल्गुनिका के नाम से भी जाना जाता है। जिसे बच्चों के खेलों से पूर्ण और सुख समृद्धि देने वाला बताया गया है।

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