इंग्लैंड / आर्सनल 90% वेस्ट को रिसाइकल करता है, जबकि यूनाइटेड प्लास्टिक इस्तेमाल नहीं करता

आर्सेनल स्टेडियम।

  • फुटबॉल क्लब पर्यावरण बचाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं
  • इंग्लिश प्रीमियर लीग के 20 क्लब क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरुक कर रहे हैं
  • 20 में से 16 क्लबों ने अपने मेन्यू में वीगन फूड का विकल्प दिया है

Dainik Bhaskar

Nov 14, 2019, 10:21 AM IST

खेल डेस्क. यूरोप के फुटबॉल क्लब पर्यावरण बचाने के लिए अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। कोई रिन्यूएबल एनर्जी पर काम कर रहा है तो किसी ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगा दिया है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग आैर सोलर सिस्टम तो अधिकतर क्लबों ने लगवाया है। बीबीसी और यूएन की क्लाइमेट चेंज पर काम करने वाली कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) के सभी 20 क्लब फैंस को पर्यावरण के प्रति जागरुक कर रहे हैं। वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं और फैंस से भी ऐसा करने को कहते हैं।

20 में से 15 क्लब स्टेडियम में वीगन फूड उपलब्ध कराते हैं। 16 क्लबों के पास पानी का सही तरीके से कैसे इस्तेमाल हो, इसे लेकर प्लानिंग है। रिपोर्ट के बाद इन क्लबों को रेटिंग भी मिली है, कि कौन सा क्लब कितना ग्रीन है। आर्सनल 90% वेस्ट को रिसाइकल करता है जबकि मैनचेस्टर यूनाइटेड और सिटी सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल नहीं करता। टॉटेनहैम ने ग्रीन रूफ लगवाई है।

फुटबॉल क्लबों को 8 मानक के आधार पर रेटिंग दी गई है
बीबीसी और क्लाइमेट चेंज पर काम करने वाली यूएन की कमेटी ने क्लबों को रेटिंग देने के लिए एनर्जी उपयोग करने वाला पहला क्लब मानक निर्धारित किए गए थे। जैसे- क्लब क्लीन एनर्जी इस्तेमाल करता है या नहीं। उसके पास वाटर मैनेजमेंट सिस्टम है या नहीं वगैरह। अगले साल यूएन की स्पोर्ट पॉजिटिव समिट होनी है। पहली बार होने वाली इस समिट में इन सभी क्लबों के काम की भी चर्चा होगी।

टॉप-4 ग्रीन क्लब: आर्सनल ग्रीन एनर्जी उपयोग करने वाला पहला क्लब
आर्सनल: आर्सनल रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग करने वाला पहला क्लब बना था। वह 2017 से इसका उपयोग कर रहा है। उसने एलईडी फ्लड लाइट और ऑटोमेटिक लाइट लगाई हैं। क्लब अपने फैंस द्वारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल करने की वकालत करता है। प्लास्टिक को छोड़कर पेपर और लकड़ी का उपयोग करता है। स्टेडियम के वॉशरूम और मैदान में वाटर रिसाइकल सिस्टम लगा है।

मैनचेस्टर सिटी: फुटबॉल एकेडमी में वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया है, जो कई कीड़ों, तितलियों और पक्षियों का घर है। रियूजेबल कप की स्कीम है, जो हर मैच के 29 हजार कप रिसाइकल करती है। साइकल पार्किंग और इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट हैं। वाटर रिसाइकल सिस्टम के कारण क्लब 83% रिसाइकल पानी इस्तेमाल करता है।

मैनचेस्टर यूनाइटेड: ग्रीन एनर्जी खरीदकर इस्तेमाल करता है। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करता। वेस्ट फूड को कंपोस्ट में बदलता है। बारिश का पानी और गंदे पानी को रिसाइकल कर स्टेडियम में प्रयोग करता है। मैन्यू में वीगन फूड का विकल्प है। क्लब का वार्षिक कार्बन उत्सर्जन दो हजार टन तक कम हो गया है। इतना कार्बन उत्सर्जन 400 घर एक साल तक करते हैं।

टॉटेनहैम: ट्रेनिंग सेंटर की छत पर पौधे लगाए हैं। रेन वाटर का इस्तेमाल करता है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग को प्रमोट करता है। उसके खिलाड़ी कार पूलिंग कर स्टेडियम आते हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सपोर्ट करने के लिए फैंस को बस और ट्रेन के पास दिए हुए हैं। कम पानी इस्तेमाल करने वाले वॉशरूम और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम है।

Share
Next Story

टेनिस / किदांबी श्रीकांत हॉन्गकॉन्ग ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे, प्रणॉय हारे

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News