कॉन्ट्रोवर्सी / कोहली की मांग पर शास्त्री कोच बन सकते हैं, तो हरमनप्रीत की मांग पर पोवार क्यों नहीं: एडुल्जी

डायना इडुल्जी और रवि शास्त्री

  • एडुल्जी ने रवि शास्त्री को चुनने की प्रक्रिया में बोर्ड पर नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया
  • उन्होंने कहा- शास्त्री को कोच बनाने के लिए कोहली सीईओ राहुल जौहरी को करते थे एसएमएस

Dainik Bhaskar

Dec 12, 2018, 10:55 AM IST

नई दिल्ली. बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना इडुल्जी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच को लेकर छिड़े विवाद के बीच कप्तान विराट कोहली और पूर्व कोच अनिल कुंबले को लेकर खुलासा किया। इडुल्जी ने कहा कि कुंबले के कोचिंग के तरीकों से विराट खुश नहीं थे और इसे लेकर वह लगातार बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी को एसएमएस करते थे। इसके बाद ही कुंबले को इस्तीफा देना पड़ा और इसके बाद शास्त्री की नियुक्ति की गई। इडुल्जी ने सवाल उठाया कि जब कोहली के कहने पर कुंबले की जगह शास्त्री कोच हो सकते हैं, तब महिला टीम की खिलाड़ियों की अपील पर रमेश पोवार कोच क्यों नहीं हो सकते।

कुंबले का अनुबंध 2017 चैंपियंस ट्रॉफी तक था। लेकिन, शास्त्री को जुलाई 2017 में ही टीम का कोच बनाया गया था। इसके लिए बोर्ड ने मई में ही विज्ञापन भी जारी कर दिए थे।

'पोवार के लिए अपील में कुछ गलत नहीं'
इडुल्जी ने कहा- महिला खिलाड़ियों स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत ने पोवार को कोच बनाने की अपील की, मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता। वे (बोर्ड) कोहली के संदेशों पर कोच बदल सकते हैं, उस समय नियमों को लांघा गया था। मैंने तब भी आवाज उठाई थी। जब उस वक्त ऐसा फैसला लिया गया था, तब महिला खिलाड़ियों के कहने पर ऐसा क्यों नहीं हो सकता। उन खिलाड़ियों को यही सही लगता है।

महिला टीम के कोच के लिए समिति पर भी आपत्ति
इडुल्जी ने यह बयान तब दिया, जब बीसीसीआई ने महिला टीम में कोच की नियुक्ति के लिए समिति का गठन किया। इस समिति में कपिल देव, अंशुमन गायकवाड और शांता रंगास्वामी हैं। इडुल्जी ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि इस संबंध में सीओए अध्यक्ष विनोद राय ने उनकी सहमति नहीं ली और वह इस एकतरफा फैसले को स्वीकार नहीं कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भी समान अधिकार दिए हैं और उन्होंने इस फैसले पर हैरत जताई।

बोर्ड ने कुंबले से कहा था, कोहली तौर-तरीकों से खुश नहीं- इडुल्जी
वेबसाइट ईएसपीएन के मुताबिक, इडुल्जी ने कहा- कोहली लगातार जौहरी को एसएमएस भेजकर कुंबले के तौर-तरीकों के बारे में बताते थे। कोच और कप्तान के बीच मामला सुलझाने की कोशिश कई बार की गई। मुख्य सलाहकार समिति (सीएसी) ने प्रशासकों की समिति के कहने पर सुलह की कोशिश की और कुंबले को ही कोच बनाए जाने पर सहमति भी जताई, लेकिन तब भी मामला नहीं बना। बोर्ड ने जब कुंबले को बताया कि कोहली को उनके तौर-तरीके पर आपत्ति है, तब उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

"शास्त्री की नियुक्ति प्रक्रिया गलत थी"
उन्होंने बताया- भारतीय पुरुष टीम में कोच की नियुक्ति की प्रक्रिया सीएसी देख रही थी। इसमें सचिन तेंडुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण हैं। सीएसी ने कुंबले को ही कोच पद पर बनाए रखने की बात कही, लेकिन तभी बोर्ड ने कोच पद पर दावेदारी की तारीख बढ़ा दी। शास्त्री ने आवेदन किया और उन्हें 2019 वर्ल्डकप तक टीम का कोच बनाया गया। यह पूरी प्रक्रिया गलत थी।

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