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डेटा लीक/ सालभर में फेसबुक के 32% कर्मचारी पॉजिटिव से निगेटिव हुए : सर्वे

  • पिछले साल फेसबुक के 84% कर्मचारी कंपनी के भविष्य को लेकर पॉजिटिव थे
  • डेटा लीक विवाद में कंपनी के फंसने के बाद अब सिर्फ 52% कर्मचारी ही पॉजिटिव 
  • 12% लोग पूरे एक साल भी फेसबुक में काम नहीं करना चाहते

Dainik Bhaskar | Nov 15, 2018, 02:20 PM IST

गैजेट डेस्क. फेसबुक के लिए साल 2018 बेहद खराब रहा है। एक तरफ जहां कंपनी इस साल कई बार डेटा लीक के विवाद में फंसी, वहीं इस वजह से अब कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों का मनोबल भी गिरता जा रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने फेसबुक के इंटरनल सर्वे के आधार पर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया है कि कंपनी के सिर्फ 52% कर्मचारी ही अब कंपनी के भविष्य को लेकर पॉजिटिव हैं।

 

दरअसल, फेसबुक साल में दो बार कर्मचारियों की राय जानने के लिए इंटरनल सर्वे कराता है। ये सर्वे अप्रैल और अक्टूबर के महीने में कराया जाता है। हाल ही में हुए सर्वे में कर्मचारियों से 30 सवाल पूछे गए थे। सितंबर 2018 तक के आंकड़ों के मुताबिक, फेसबुक में 33,606 कर्मचारी काम करते हैं।

पिछले साल 52% कर्मचारी पॉजिटिव थे

  1. एक साल पहले हुए सर्वे में फेसबुक के 84% कर्मचारी कंपनी के भविष्य को लेकर पॉजिटिव थे, जो अप्रैल में 67% हो गए। अब इनमें 32% की गिरावट आ गई है और सिर्फ 52% कर्मचारी ही कंपनी के भविष्य को लेकर पॉजिटिव हैं।

  2. इस सर्वे में 53% कर्मचारियों ने माना कि फेसबुक दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 19% कम है।

  3. इसके अलावा 70% कर्मचारियों ने ही कहा कि उन्हें फेसबुक में काम करने पर गर्व है। जबकि पिछले साल 87% लोगों ने इस बात को माना था।

  4. एक साल पहले हुए सर्वे में कर्मचारियों ने औसतन 4.3 साल तक फेसबुक में काम करने की इच्छा जाहिर की थी, जो अब कम होकर सिर्फ 3.9 साल हो गई है। 12% लोगों ने फेसबुक में एक साल से भी कम काम करने की इच्छा जाहिर की।

5 कारण : फेसबुक के कर्मचारी क्यों हुए नाराज?

  1. इसी साल मार्च में ब्रिटिश फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका ने 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा चुराया, जिसका इस्तेमाल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रम्प को जिताने के लिए किया गया था। 

  2. स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों से भी यूजर्स का पर्सनल डेटा शेयर किया गया, इससे यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में पड़ी। 

  3. सितंबर में एक बार फिर सिक्योरिटी फीचर में खामी के चलते 3 करोड़ यूजर्स का डेटा चोरी हुआ।

  4. अपने प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज रोकने के लिए भी फेसबुक ने कोई कदम नहीं उठाया। 

  5. इन सबके अलावा मार्च में कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल सामने आने के बाद और मार्क जकरबर्ग से मतभेद होने की वजह से फेसबुक के कई बड़े अधिकारियों ने कंपनी छोड़ी, इससे भी कर्मचारियों का मनोबल गिरा।