फ्रेंडशिप डे / टेक वर्ल्ड की तीन मशहूर कहानियां, दोस्ती के कारण दुनिया को मिले एपल, फेसबुक और वॉट्सऐप

Dainik Bhaskar

Aug 03, 2019, 07:49 PM IST

गैजेट डेस्क. फ्रेंडशिप डे के मौके पर हम आपको उन तीन टेक कंपनियों के बारे में बता रहे हैं, जिनके पीछे दोस्तों की कहानी छिपी है। जब इन कंपनियों को शुरू किया गया तब इन्हें बनाने वाले दोस्तों ने भी इतनी बड़ी सफलता के बारे में नहीं सोचा होगा।

दोस्त और उनकी टेक कंपनियों की कहानी

  1. जब कॉफी शॉप में बैठकर दो दोस्तों ने बना लिया वॉट्सऐप

    वॉट्सऐप भले ही आज मार्क जुकरबर्ग के फेसबुक का हिस्सा है, लेकिन इसे बनाने वाले दो दोस्त जेन कूम और ब्रायन एक्टन है।

     

     

    एक वक्त इन दोनों दोस्तों ने याहू जैसी पॉपुलर कंपनी की नौकरी छोड़ दी थी। बाद में इन्होंने फेसबुक में नौकरी के लिए अप्लाई किया, लेकिन वहां से रिजेक्ट हो गए। 

     

     

    कूम और एक्टन की मुलाकात 1997 में सैन जोस स्टेट यूनिवर्सिटी में हुई थी। 2000 में जब कूम की मां की मौत हुई तब वे बेहद अकेले हो गए। ऐसे वक्त में एक्टन ने उनका साथ दिया।

     

     

    दोनों कॉफी शॉप में बैठकर एक ऐप बनाने के बारे में सोचते थे। जिसमें ऐप के स्टेटस से पता चल जाए कि व्यक्ति क्या कर रहा है। बाद में ऐप बनाकर इसका नाम 'what's up' रखा गया।

     

  2. तीन दोस्तों ने बनाई दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी एपल

    दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल एपल को तीन दोस्तों ने अप्रैल 1976 में मिलकर शुरू किया था। इनके नाम स्टीव जॉब्स, स्टीव वोजनियाक और रोनाल्ड वेन हैं।

     

     

    स्टीव जॉब्स और स्टीव वोजनियाक में बचपन से ही दोस्ती थी। 1976 में वोजनियाक ने मैकिनटोश एपल 1 कम्प्यूटर का आविष्कार किया।

     

     

    जब इसे जॉब्स ने देखा तो उसे बेचने का सुझाव दिया। इसके बाद दोनों ने एक गैरेज में एपल कम्प्यूटर का निर्माण करने लगे। यहां से ही एपल कंपनी की शुरुआत हुई।

     

     

    स्टीव जॉब्स ने अपने बचपन के दोस्त स्टीव वोजनियाक को धोखा भी दिया है। दरअसल जॉब्स को आर्किड वीडियो गेम ब्रेकआउट के लिए सर्किट बनाने का काम सौंपा गया था।

     

     

    मशीन में लगने वाली हर चिप के लिए उन्हें 100 डॉलर मिलने थे, लेकिन वे कोड बनाना नहीं जानते थे। ऐसे में उन्होंने अपने दोस्त वोजनायिक को ये काम सौंप दिया। साथ ही बताया कि इस काम के लिए हमें 700 डॉलर मिलेंगे।

     

     

    प्रोजेक्ट खत्म होने के दस साल बाद वोजनियाक को पता चला कि जॉब्स को इस काम के लिए 5000 डॉलर मिले थे। एक वक्त के बाद वोजनियाक और जॉब्स अलग हो गए और वोजनियाक ने अपनी अलग कंपनी बना ली।

     

     

  3. 5 दोस्तों ने मिलकर कॉलेज में ही शुरू कर दिया था फेसबुक

    दुनिया का सबसे बड़ा सोशल प्लेटफॉर्म बन चुके फेसबुक को मार्क जुकरबर्ग ने अपने चार कॉलेज फ्रेंड्स डस्टिन मोस्कोविट्ज, क्रिस ह्यूज, एडुआर्डो सेवेरिन और एंड्रूय मैक्कुलम के साथ शुरू किया था।

     

     

    उस वक्त इसका नाम ‘द फेसबुक’ रखा गया था। 4 फरवरी, 2004 को इसे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए लॉन्च किया गया था।

     

     

    जुकरबर्ग ने फेसबुक को आगे बढ़ाने के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी छोड़कर कैलिफॉर्निया के पालो अल्टो में किराए का घर लिया। इसी दौरान पेपाल के को-फाउंडर पीटर थील ने फेसबुक में 355 करोड़ रुपए का निवेश किया।

     

     

Share
Next Story

क्रिकेट / भारत-वेस्टइंडीज पहला टी-20; सोनी के इस चैनल पर होगा लाइव टेलिकास्ट, फोन पर भी देख पाएंगे

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

Recommended News