Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

युवक ने फर्जी IRS अफसर बनकर कर्नल की बेटी को फंसाया, फिर फैमिली प्रॉब्लम बताकर दिया वारदात को अंजाम

नीरज आर्या | Sep 12, 2018, 01:52 PM IST

लड़की से बात करने के लिए 9 मोबाइल नंबर यूज करता था आरोपी।

-- पूरी ख़बर पढ़ें --

नई दिल्ली। फर्जी आईआरएस (इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज) अफसर बनकर एक जालसाज ने कर्नल की बेटी से 20 लाख रुपए ऐंठ लिए। पीड़िता और जालसाज की पहचान एक मेट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। पहले शातिर युवक ने युवती को विश्वास में लेकर शादी का भरोसा दिलाया और फिर धीर-धीरे अपनी फैमिली प्रॉब्लम बताकर करीब 20 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी कौस्तुभ ने मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस की एक फर्जी आईडी भी पीड़िता को वॉट्सऐप पर भेजी थी। उसने अपनी पोस्टिंग हैदराबाद में बताई थी।

लड़की से बात करने के लिए9 मोबाइल नंबर यूज करता था आरोपी

शक होने पर जब पीड़िता ने रुपए मांगे तो वह धमकाने लगा। युवती से बात व मैसेज के लिए आरोपी 9 मोबाइल नंबर यूज करता था। जसोला विहार में रहने वाली पीड़िता की शिकायत पर सोमवार को सरिता विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि मामला धोखाधड़ी का लग रहा है, तफ्तीश जारी है।

आरोपी ने 10-10 लाख रुपए के दो चेक दिए, एक हुआ बाउंस

पीड़ित युवती अपने सैलरी से जालसाज के बैंक अकाउंट में पैसे भेजती थी। यह सिलसिला जुलाई 2016 से शुरू हुआ था। बार-बार पैसे देने के बाद जब युवती ने शक होने पर पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने दस-दस लाख रुपए के दो चेक दिए। इसमें एक चेक बाउंस हो गया, जिसके बाद दूसरे चेक को पीड़िता ने क्लियर होने के लिए नहीं लगाया। जब चेक बाउंस होने की बात पीड़िता ने ठग से कही तो उसने अपनी एक फोटो गन के साथ खींचकर भेज दी और धमकाने लगा।

पीड़िता की फैमिली से भी मिला था जालसाज

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता एक एमएनसी में जॉब करती है। वह मूलरूप से पंचकूला की रहने वाली है। उसने मेट्रिमोनियल साइट पर अपना प्रोफाइल बना रखा है। 2016 में आरोपी कौस्तुभ ने इसी प्रोफाइल पर उससे संपर्क किया। खुद की पहचान बतौर आईआरएस अफसर के तौर पर दी। आरोपी ने खुद को मुंबई का निवासी बताया था। शादी की बात को लेकर वह युवती के परिवार वालों से भी मिला, लेकिन शादी की डेट नहीं फाइनल की। इस बीच दोनों कॉल और मैसेज के जरिए बातचीत करते थे।

फर्जी आईडी के साथ आधार कार्ड भी भेजा फिर शुरू की ठगी

एक दिन शातिर युवक ने अपनी फैमिली प्रॉब्लम का झांसा देकर पीड़िता से उधार रुपए मांगे। शुरू में पीड़िता मदद के लिए तैयार नहीं हुई। फिर वह आरोपी से संबंधित विभाग का आई कार्ड दिखाने के लिए कही, जिस पर जालसाज ने नाराजगी भी जताई। हालांकि, उसने पीड़िता को विश्वास में लेने के लिए आईडी कार्ड के साथ आधार कार्ड की भी फोटो कॉपी भेज दी। इसके बाद से ठगी का सिलसिला शुरू हुआ था।