SBI / 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे सर्विस चार्ज, अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर भी कम लगेगी पेनल्टी

  • NEFT और RTGS जैसे डिजिटल मोड के जरिए ट्रांजेक्शनकरने पर भी कम चार्ज लगेगा।
  • सैलरी अकाउंटवाले ATM सेअनलिमिटेड फ्रीट्रांजेक्शन कर सकेंगे।

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2019, 05:01 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 1 अक्टूबर से अपने सर्विस चार्जमें बदलाव करने जा रहा है। इससे मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) मेंटेन नहीं कर पाने पर लगने वाले चार्ज को कम करने के अलावा, NEFT और RTGS जैसे डिजिटल मोड के जरिए ट्रांजेक्शन करनाभी सस्ता हो जाएगा। SBI के नए सर्विस चार्ज 1 अक्टूबर 2019 से लागू होंगे।

प्रधानमंत्री जनधन योजना अकाउंट में नहीं रखना होगा मंथली एवरेज बैलेंस

मेट्रो सिटी, पूर्ण शहरी इलाकों में मौजूद SBI ब्रांच में बैंक अकाउंट में मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस क्रमश: 5000 रुपये और 3000 रुपये रखना होता है। 1 अक्टूबर से यह बैलेंस घटकर मेट्रो शहरों और पूर्ण शहरी इलाकों दोनों के मामले में 3000 रुपये हो जाएगा।

अगर पूर्ण शहरी इलाकों में किसी के अकाउंट का मिनिमम बैलेंस 3000 रुपये से 75 फीसदी से ज्यादा कम हुआ तो पेनल्टी 15 रुपये+ जीएसटी लगेगी, जो कि अभी 80 रुपये+ जीएसटी है। पेनल्टी को लकर नए नियम इस तरह हैं।

नो​​ फ्रिल अकाउंट, पहला कदम व पहली उड़ान अकाउंट, 18 साल की उम्र तक के नाबालिग, हर तरह की कैटेगरी वाले पेंशनर, सोशल सिक्योरिटी वेलफेयर बेनिफिट्स (डायरेक्ट बेनिफिट्स) प्राप्तकर्ता के अकाउंट्स और 21 साल की उम्र तक के स्टूडेंट्स के अकाउंट 1 अक्टूबर से MAB मेंटेन न कर पाने पर चार्ज के दायरे से भी बाहर होंगे।

इन पर कम बैलेंस रह जाने पर चार्ज नहीं लगेगा।

आपको बता दें कि फिलहाल सैलरी पैकेज अकाउंट, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट, स्मॉल एंड प्रधानमंत्री जनधन योजना अकाउंट के मामले में यह चार्ज नहीं लगता है।

SBI डिजिटल मोड से RTGS और NEFT के जरिए ट्रांजेक्शंस को चार्ज फ्री कर चुका है। जो 1 जुलाई से अमल में आ गया है। वहीं SBI ब्रांच में NEFT/ RTGS के जरिए ट्रांजेक्शन की लागत भी घट गई है। 1 अक्टूबर से बैंक ब्रांच में NEFT/ RTGS से ट्रांजेक्शन कर लगने वाले चार्ज

 

1 अक्टूबर से मेट्रो शहरों के SBI एटीएम से मैक्सिमम 10 बार फ्री डेबिट ट्रांजेक्शन कर सकेगा। वहीं अन्य जगहों के एटीएम से मैक्सिसम 12 फ्री ट्रांजेक्शन कर सकेगा। वहीं सभी सैलरी अकाउंट्स के मामले में अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन किए जा सकेंगे।

 

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