योजना / किसानों की अतिरिक्त आय के लिए लॉन्च होगी नई योजना, 1 लाख रु. तक कर सकेंगे कमाई

Dainik Bhaskar

Jul 04, 2019, 07:46 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. केंद्र सरकार किसानों के लिए जल्द ही एक नई स्कीम लॉन्च करेगी। इसके तहत किसान खाली पड़ी जमीन पर सोलर पैनल लगाकर पैसे कमा सकेंगे। सोलर पैनल से किसान बिजली उत्पादन का कारोबार कर सकते हैं। इससे किसानों को हर साल 1 लाख रुपए तक कमाने का मौका मिलेगा। यह जानकारी केंद्रीय नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा (एमएनआरई) मंत्री आरके सिंह ने एक सवाल के जवाब में दी।योजना के तहत किसान सोलर पैनल लगाकर दो मेगावाट तक बिजली का उत्पादन कर सकेंगे। पैदा की जाने वाली इस बिजली को खरीदारी सरकार करेगी। इस योजना की घोषणा अगले 15 से 20 दिनों में कर दी जाएगी।

योजना से जुड़ी खास बातें...

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने प्रावधान किया है कि किसान अपनी जमीन पर सोलर पैनल लगाकर बिजली का उत्पादन कर सकता है या फिर बिजली उत्पादन के उद्देश्य से किराए पर देकर भी कमाई कर सकता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत इस समय विश्व में सबसे ज्यादा नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने वाला देश है और हमने 1,75,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि हम 2022 तक इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने 2020 तक 50 हजार सूर्य मित्र तैयार करने के उद्देश्य से सूर्या स्किल डवलपमेंट कार्यक्रम लॉन्च किया था। इस कार्यक्रम को सोलर पैनल की स्थापना, मेंटेनेंस और ऑपरेशन से जुड़े कार्यों के लिए नौकरियां पैदा करना था। कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण लेने वालों की कोर्स फीस, रहन-सहन और मूल्यांकन चार्ज मंत्रालय की ओर से वहन किया जाता है।

एक मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने में 5 एकड़ जमीन की जरूरत होती है। बता दें कि एक मेगावाट सोलर प्लांट से साल भर में लगभग 11 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। दरअसल उन्होंने बताया कि किसान के पास एक एकड़ भी जमीन है तो वहां 0.20 मेगावाट का प्लांट लग सकता है। इस प्लांट से सालाना 2.2 लाख यूनिट बिजली पैदा होगी। उन्होंने यह भी बताया कि कुसुम स्कीम के मुताबिक जो भी डेवलपर्स किसान की जमीन पर सोलर प्लांट लगाएगा, वह किसान को प्रति यूनिट 30 पैसे का किराया देगा। दरअसल ऐसे में, किसान को प्रतिमाह 6600 रुपए मिलेंगे। यानी कि साल भर में यह कमाई लगभग 80,000 रुपए की होगी। सबसे खास बात यह है कि जमीन पर मालिकाना हक किसान का ही रहेगा। इसका मतलब यह है कि किसान चाहे तो सोलर प्लांट के साथ यहां छोटी-मोटी खेती भी कर सकता है।

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