मथुरा / श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 24 वर्षों बाद आम लोगों के लिए खुली केशव वाटिका, योगी ने पहले ही किया था ऐलान

आम पर्यटकों के लिए खोली गई केशव वाटिका।

  • अरुण जेटली के निधन के कारण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा नहीं पहुंचे थे योगी
  • अब मथुरा जाने वाले श्रद्धालु केशव वाटिका भी देख सकते हैं

Dainik Bhaskar

Aug 25, 2019, 04:00 PM IST

मथुरा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश परपिछले 24 वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए बंद की गई केशव वाटिका को शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन खोल दिया गया। हालांकि वाटिका के आसपास भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। दरअसल योगी ने 23 फरवरी 2018 को मथुरा में केशव वाटिका खोलने का वादा किया था, जिसको शनिवार को खोल दिया गया। इसके बाद हजारों लोगों ने यहां पहुंचकररोशनी का लुत्फ उठाया।

मथुरा में श्री कृष्ण के जन्मस्थान की केशव वाटिका में लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था। केंद्र सरकार में कांग्रेस और प्रदेश में मायावती की सरकार के दौरान प्रशासन ने बैरीकेडिंग कर इसको लोगों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। केशव वाटिका जन्माष्टमी के मौके पर शनिवार को प्रकाश से नहाई हुई नजर आई। फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर केशव वाटिका के आसपास भारी सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गोविंदनगर गेट के बायीं तरफ स्थित केशव वाटिका में 1996 से पहले श्रद्धालुओं का प्रवेश होता था। धार्मिक आयोजन भी खूब हुआ करते थे। जन्मस्थान पर दर्शनों को आने वाले भक्त यहां बैठकर भगवान का गुणगान करते थे। चारों तरफ पेड़ लगे थे, हरियाली थी। लेकिन जब अयोध्या, मथुरा और काशी की सुरक्षा का मुद्दा उठा तो केशव वाटिका को फोर्स ने अपने कब्जे में ले लिया था।

हालांकि इस संबंध में न तो कोई आदेश था और न ही कोई सहमति लेकिन फोर्स ने इस वाटिका में अपनी गतिविधियां शुरू कर दी थीं। पेड़ों का रखरखाव भी उनके द्वारा ही किया जा रहा था। लेकिन जब भाजपा की सरकार आई और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो जन्मस्थान संस्थान ने इस वाटिका को श्रद्धालुओं के लिए खोलने का ऐलान किया था।

केशव वाटिका खोलने के लिए अवैद्यनाथ ने की थी चौरासी कोस यात्रा
वर्ष 1995 में विहिप का विष्णु महायज्ञ बिड़ला मंदिर के समीप हुआ था। उससे पहले सुरक्षा का जायजा लेने उस समय के केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट भी यहां आए थे। वहां उनके दौरे के बाद प्रशासन ने यहां बैरीकेड लगा दिया था। तब आशंका जताई गई थी कि विष्णु महायज्ञ के दौरान एकत्र भीड़ से कोई अप्रिय घटना घट सकती है। इसको प्रसाशन से मुक्त कराने के लिए 1999 में योगी आदित्यनाथ के गुरु स्वर्गीय महंत अवैद्यनाथ ने विश्राम घाट पर संकल्प लेकर 84 कोस की यात्रा शुरू की थी।

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