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टूट रहे मकान निकल रहे भगवान.... 43 छोटे-बड़े मंदिरों के बीच एक मंदिर ऐसा भी जिसे देख सब हैरान

Dainikbhaskar.com | Dec 01, 2018, 03:59 PM IST

पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए चल रहा मकानों का ध्वस्तीकरण

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वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ध्वस्तीकरण का कार्य चल रहा है। ये ध्वस्तीकरण उनके ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए किया जा रहा है। मकानों के ध्वस्तीकरण से चौंका देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। ध्वस्तीकरण में घरों से प्राचीन मंदिर मिल रहे हैं। लेकिन एक मंदिर को देख कर लोग हैरान हैं। ये मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर के जैसा ही दिखता है।

प्रशासन ने 182 भवनों को खरीदकर उन्हे ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। जिसमें से अब तक 40 मकानों को तोड़ा जा चुका है। इनमें से 43 छोटे-बड़े प्राचीन मंदिर मिले हैं। लेकिन एक मंदिर ऐसा मिला है जो कि काशी विश्वनाथ मंदिर के जैसा ही है। ये मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर जैसी ही वास्तुकला से निर्मित किया गया है। इसमें नंदी का आकार काशी विश्वनाथ मंदिर के नंदी से बड़ा है और मंदिर में नीचे की ओर रथ बना हुआ है। मंदिर के खंभों पर कीचक भी बने हुए हैं। साथ ही जो अन्य मंदिर भी बने हुए हैं उनमें भी नायाब नक्काशी और वास्तुकला का उदाहरण देखने को मिलता है।

भारतीय पुरात्तव सर्वेक्षण के नीरज सिन्हा ने बताया कि इन मंदिरों की प्राचीनता का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। ये मंदिर लगभग 18वीं या 19वीं शताब्दी के हो सकते हैं कुछ मंदिरों को देखकर लग रहा है कि वो लगभग हजार साल पुराने हैं। कोरिडोर निर्माण के समय इन मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा और मंदिरों के बाहर शिलापट्ट पर इतिहास लिखा जाएगा। फिलहाल ध्वस्तीकरण के काम के दौरान इनकी प्राचीनता पता करने में दिक्कत आ रही है।

आप को बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं सी सहूलियत के लिए पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना में काशी विश्वनाथ मंदिर कोरिडोर को विकसित करने का काम चल रहा है इसके लिए 269 इमारतों की पहचान की जा चुकी है। जिनका अधिग्रहण कर ध्वस्तीकरण किया जाना है। फिलहाल 182 भवनों का अधिग्रहण किया जा चुका है जिनमें से 40 मकान ध्वस्त किए जा चुके हैं। अभी 112 इमारतों के अधिग्रहण व खरीदी का काम चल रहा है।

पीएम मोदी की इस परियोजना के लिए सीएम योगी ने दिसंबर 2017 में 600 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। अभी तक कुल 183 करोड़ रुपए आवंटित किए जा चुके हैं। इस योजना में जो भी परिवार, दुकानें, किराएदार आ रहे हैं उनका पुनर्वास किया जा रहा है।

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