यूपीपीसीएल घोटाला / कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री से पूछे आठ सवाल; कहा- पाई-पाई का हिसाब लेंगे

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू।

  • कांग्रेस ने कहा- डीएचएफएल मामले में हज़ारों परिवारों का भविष्य दाव पर लगा है,
  • बोले- ऊर्जा मंत्री को जबाब देना ही होगा, जनता के सवालों से नहीं बच सकते हैं ऊर्जा मंत्री

Dainik Bhaskar

Nov 18, 2019, 05:55 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की प्रदेश ईकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने यूपीपीसीएल पीएफ घोटाले को लेकर उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से 8 सवाल पूछा है। लल्लू ने कहा है कि ऊर्जा मंत्री को जनता के सवालों का जवाब देना ही होगा। जनता के प्रति अपनी जवाबदेही समझते हुए सरकार को ऊर्जा मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि डीएचएफएल मामले में करीब 45 हज़ार परिवारों का भविष्य दाव पर लगा है। मंत्री श्रीकांत शर्मा को अपने राजधर्म का पालन करते हुए सवालों का जबाब देना चाहिए। वे जनता के सवालों से नहीं बच सकते हैं। कर्मचारियों के खून-पसीने की कमाई है, पाई-पाई का हिसाब लेंगे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि डीएचएफएल मामले में बार बार सवाल उठ रहा है लेकिन ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा समेत पूरी सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है।

उन्होंने कहा कि डीएचएफएल मामले को लेकर हम फिर से ऊर्जा मंत्री जी से सवाल पूछ रहे हैं, उम्मीद है कि वे हमारे सवालों जबाब देंगे। योगी आदित्यनाथ जबाबदेही और जिम्मेदारी लेते हुए अपने कैबिनेट से ऊर्जा मंत्री को बर्खास्त करें।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री से पूछे ये आठ सवाल

  • उत्तर प्रदेश सरकार और डीएचएफ़एल में प्रॉविडेंट फ़ंडनिवेश को लेकर जितनी भी बैठकें हुईं उनके एजेंडे और उसके सापेक्ष हुई बैठक के मिनट को सार्वजनिक किया जाएताकि यह देखा जा सके कि एजेंडा क्या था और निर्णय क्या हुए ? निर्णयों से कौन सहमत और असहमत था। यह भी जानना आवश्यक है की एजेंडा किस तारीख़ को जारी किया गया ? बैठकें कब हुई ?
  • एजेंडा बनाने की ज़िम्मेदारी किसकी होती है ? क्या एजेंडा बनाने वाला ख़ुद से एजेंडा तय करता है ? अजेंडा नियत करने के निर्देश मौखिक थे ? यदि मौखिक थे तो किसके थे यदि लिखित थे तो उस नोट पर किसके आदेश और दस्तखत है ?
  • 21. 3. 2018 को अगर डीएचएफ़एल ने प्रस्ताव दिया तो पहले कैसे निवेश हुआ ? यह विसंगति कैसे ? क्या पूर्व में भी कोई प्रस्ताव डीएचएफ़एल द्वारा दिया गया था ?
  • क्रेडिट रेटिंग के सापेक्ष निवेश किए जाने का आधार और गाइड लाइंसक्या है ? वित्त विभाग इस पर मौन क्यूँ है?
  • Conspiracy Laws के तहत मदद करने वाले, सलाह देने वाले, अगर अप्रत्यक्ष रूप से भी शामिल है तो क्या सरकार उन पर कार्यवाही करेगी?
  • संजय अग्रवाल, आलोक कुमार, अपर्णा, विशाल चौहान की भूमिका पर सरकार स्पष्ट करे की बैठक के मिनट्स में यह कैसे पास कर दिया गया की आगे की निवेश की ज़िम्मेदारी सचिव ( ट्रस्ट ) और निदेशक वित्त की सलाह अथवा अनुमोदन पर होगा?
  • 24 मार्च के कार्यव्रत में निवेश को लेकर राष्ट्रीय बैंक अथवा ट्रिपल AAA क्रेडिट रेटिंग कम्पनी में निवेश बदलकर Govt Notification 02/03/2015 के अनुसार करने का प्रस्ताव पास किया गया। यह नोटिफ़िकेशन क्या था? अखिलेश यादव के समय किया गया नोटिफ़िकेशनका आधार क्यूं लिया गया ? क्या पूर्ववर्ती सरकार ने कोई नोटिफ़िकेशन ऐसा जारी किया तो क्यूँ ?
  • दिनांक 21.03.17 पर तत्कालीन चेयरमैन संजय अग्रवाल ने सहमति जताते हुए स्पष्ट लिखा था की बैठक अवश्य अप्रैल माह में बुला ली जाय , अप्रैल की बैठक हुई की नहीं यदि हुई तो किसकी उपस्तिथि में ?
  • यह है मामला
    उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के एक लाख से अधिक कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ)और अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) के 2267.90 करोड़ रुपये दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में फंस गए हैं। कर्मचारियों और विपक्षी नेताओं ने यह मुद्दा उठाया तो सरकार ने कई कार्रवाइयां कीं। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

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