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अयोध्या विवाद/ विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चंपत राय बोले- ऐतिहासिक होगी अयोध्या में धर्मसभा, एक लाख जुटेंगे रामभक्त

उपाध्यक्ष बोले- 125 करोड़ हिंदुओं से जुड़ा यह मामला सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता में ही नहीं है

  • विहिप उपाध्यक्ष ने लखनऊ में की प्रेसवार्ता
  • राम मंदिर निर्माण के लिए कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार
  • बोले- कानून बनाकर सरकार बनाए राम मंदिर

Dainik Bhaskar

Nov 14, 2018, 04:30 PM IST

लखनऊ/अयोध्या. राम मंदिर निर्माण के लिए 25 नवंबर को अयोध्या में होने वाली धर्मसभा ऐतिहासिक होगी, इसमें एक लाख हिंदू जुटेंगे। यह दावा विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने बुधवार को राजधानी में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान की है। उन्होंने कहा, संवैधानिक संस्था सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर के निर्माण पर फैसला देने में देरी कर रही है। ऐसे में सरकार को कानून लाकर मंदिर निर्माण की पहल करनी चाहिए। 

 

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मंदिर निर्माण में देरी के लिए कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

 

विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय ने अफसोस जताते हुए कहा कि देश का हिंदू पांच सौ साल से मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष कर रहा है। लेकिन 125 करोड़ हिंदुओं से जुड़ा यह मामला सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता में ही नहीं है। उपाध्यक्ष राय ने कहा कि केंद्र सरकार के पास कानून लाने का विकल्प है। इस दौरान उन्होंने मंदिर निर्माण में देरी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

 

कहा, सितम्बर 2010 में उच्च न्यायालय का फैसला 15 साल की कार्रवाई के बाद हिन्दू समाज के पक्ष में आया, लेकिन न जाने कौन से कानूनी विचार से उच्च न्यायालय ने उसका 3 हिस्सो में बंटवारा कर दिया। बंटवारे के फलस्वरूप हम सर्वोच्च न्यायालय में गए। 13 महीने सर्वोच्च न्यायालय की निरर्थक बहस में परिणाम कुछ नहीं निकला। 


चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में 25 नवम्बर को विहिप की ओर से धर्मसभा का आयोजन किया गया है। यह बाईपास के निकट बड़े भक्तमाल के पास होगा। ऐसी सभाएं नागपुर और बैंगलौर में 25 नवम्बर को होगी। फिर दिल्ली में 9 दिसम्बर को होगी। 18 दिसम्बर गीता जयंती के बाद तहसील और ब्लॉक स्तर पर देश में करेंगे।

 

युवाओं को याद दिलाया राम मंदिर आंदोलन

 

कारसेवकपुरम मे प्रान्त प्रचारक कौशल ने बुधवार को अयोध्या महानगर के विद्यार्थी परिषद और भाजपा युवामोर्चा के युवाओं में जोश भरते हुए 1990 व 92 का राम मंदिर आंदोलन याद दिलाया। प्रचारक ने कहा कि धर्मसभा की जिम्मेदारी युवाओ के कंधो पर होगी। उन्होंने कहा कि संस्कृति और परम्पराओं की सुरक्षा के लिए युवाओ ने सदैव बलिदान दिया है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी अदालत, जनता की अदालत है। श्रीराम जन्मभूमि पर अब देरी हिन्दू समाज स्वीकार नही कर सकता है। यह आंदोलन संतो धर्माचार्यो के नेतृत्व चल रहा है। जिसे हर हाल में पूर्ण किया जाएगा।