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आरोप / आरएसएस का संवाद कार्यक्रम राजनीति से प्रेरित : मायावती

  • भाजपाअपनी विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए ज्वलंत समस्याओं से ध्यानहटाने की कोशिश कर रही
  • साल के अंत में 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में बसपा अब मध्यप्रदेश में अकेले और छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के साथ चुनावलड़ेगी

Dainik Bhaskar

Sep 20, 2018, 11:55 PM IST

लखनऊ.बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली में तीन दिन चले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संवाद कार्यक्रम को राजनीति प्रेरित होना बतायाहै। मायावती नेचुनाव निकट आने पर जनता का ध्यान मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया। भाजपासरकारों की विफलताओं और घोर कमियों को छिपाने के लिए आमजन का ध्यान ज्वलंत समस्याओं से हटाने की कोशिशें की जा रही हैं।

आरएसएस भाजपा सरकारों के असफलहोने से चिंतित : गुरुवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि धन्नासेठों और पूंजीपतियों की तरह आरएसएस भी भाजपा सरकारों के फेल हो जाने से चिंतित है क्योंकि इन्होंने भी अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। मायावती ने कहा कि आरएसएस की कथनी व करनी में हमेशा अंतर रहता है, इसलिए लोग अब बहकावे में आने वाले नहीं।

हिंदू-मुस्लिम रिश्ते नहीं सुधारेंगे संघी: मायावती ने आरएसएस प्रमुख के कथन 'जन्मभूमि पर मुसलमान खुद मंदिर बनवाते हैं तो वर्षों से उठ रही अंगुलियां झुक जाएंगी' से असहमति जताते हुए कहा कि एक नहीं अनेकों मंदिर भी बन जाएं तब भी संकीर्ण संघी हिंदुओं और मुसलमानों के बीच रिश्ते सुधारने वाले नहीं। आरएसएस की बुनियादी सोच मुस्लिम, दलित व पिछड़ा वर्ग विरोधी है। संविधान विरोधी मंशा होने के कारण भाजपा व आरएसएस से लोकतंत्र को खतरा दिखने लगा है। आरएसएस को पहले अपनी नफरत और सांप्रदायिकता की सोच को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक पर लाया गया अध्यादेश चुनाव में धुव्रीकरण को बढ़ाने और अपनी विफलता से ध्यान बांटने वाला है। ऐसा नहीं होता तो इस बारे में कानून बनाने से पहले विधेयक को संसदीय समिति के पास भेजना चाहिए था।

बसपा एमपी में अकेले और छत्तीसगढ़ में जोगी संग लड़ेगी चुनाव :मायावती ने अगले चुनाव में विपक्षी दलों को साथ लेकर चलने की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रणनीति पर जोर का झटका दिया है। साल के अंत में 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में बसपा अब मध्य प्रदेश में अकेले और छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के साथ चुनाव लड़ेगी। छत्तीसगढ़ में पिछले डेढ़ दशक से सत्तारूढ़ बीजेपी राज्य में अपनी सत्ता बचाये रखने की कोशिशों में जुटी है तो कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए संघर्षरत है लेकिन इस बीच नए राजनीतिक समीकरण में मायावती ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की नई पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया है।

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