Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

अलीगढ़/ योगी सरकार को बदनाम करने के लिए की गई साधुओं की हत्या : एसएसपी



  • मुख्य आरोपी एटा का पूर्व सभासद साबिर अली है, जो अपने ऊपर चल रहे केस के गवाहों को फंसाना चाहता था
  •  हत्या के मामलों में गवाहों को सबक सिखाना चाहता था,इसके लिए उसने साधुओं की हत्या करवाई

Dainik Bhaskar

Sep 19, 2018, 07:18 PM IST

अलीगढ़. साधुओं की हत्याओं के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी अजय कुमार साहनी ने दावा किया कि मुख्य आरोपी एटा का पूर्व सभासद साबिर अली है, जो योगी सरकार को बदनाम करने के लिए साधुओं की हत्या कर रहा था। साथ ही अपने ऊपर चल रहे केस के गवाहों को फंसाना चाहता था। 

एसएसपी ने बताया कि अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के एकांत में रहने वाले साधुओं को टारगेट किया जा रहा था। एक महीने में तीन साधुओं सहित छह लोगों की हत्या हुई थी। हत्याओं का मास्टर माइंड एटा का पूर्व सभासद साबिर अली उर्फ दिनेश प्रताप सिंह निकला। साबिर अली को बेटे और उसके साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 4 पिस्टल, 12 कारतूस, खून से सनी चादर, मोबाइल फोन आदि बरामद किया है।


हत्या कर छोड़ते थे मोबाइल नंबर लिखी पर्ची : एसएसपी ने बताया कि साबिर अली का गिरोह जो भी हत्या करता था, वहां एक पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर डाल देता था। गवाहों को फंसाने के लिए साबिर अली कत्ल कराने वालों से एक पर्ची छोड़ने को कहता था। साबिर अली की दुश्मनी एटा के मुफ्ती साहब से थी।एटा में साबिर अली ने दो अप्रैल 2016 में जमीन के विवाद में मुफ्ती की हत्या करवाई थी और मुफ्ती का बेटा शोएब पूरे मामले की पैरवी कर रहा था। जिससे साबिर के खिलाफ मर्डर केस में गवाही देने वालों को फंसाया जा सके।

 

ऐसी जानकारी मिली है कि गैंग के सरगना साबिर अली ने अपने फायदे के लिए धर्मांतरण किया था। एसएसपी साहनी के मुताबिक, पश्चिमी यूपी के लिए साधुओं की हत्या होना बड़ी घटना थी। इस मामले में डीजीपी की निगाह थी। इस मामले में तीन आरोपी मुस्तकीम, नौशाद और अफसर फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया है। इन लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जा रही है। 

 

एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि हरदुआगंज में पिछले दिनों हुई साधुओं की हत्या में यही गैंग शामिल था। साधुओं को साबिर अली ने इसलिए टारगेट बनाया क्योंकि योगी सरकार में साधुओं के मामले में पुलिस ज्यादा संवेदनशील है। इसके पीछे सरकार को बदनाम करने की साजिश थी, ऐसा पूछताछ में सामने आया है। अलीगढ़ में छह हत्या हो चुकी हैं, जिसमें तीन साधु थे।

Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

टॉप न्यूज़और देखें

Advertisement

बॉलीवुड और देखें

स्पोर्ट्स और देखें

Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

जीवन मंत्रऔर देखें

राज्यऔर देखें

वीडियोऔर देखें

बिज़नेसऔर देखें