संघ की कार्यप्रणाली में होगा बदलाव!

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अहमदाबाद. गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। इस इंटरव्यू में मोदी से 2002 में हुए दंगों पर सवाल पूछे गए थे। मोदी ने कहा है कि उन्होंने उस दौरान कुछ भी गलत नहीं किया था। मोदी का कहना था कि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल इनवेस्टिंगेटिंग टीम (एसआईटी) गठित की थी। उस एसआईटी ने जांच की और मुझे क्लीन चिट दी, पूरी तरह क्लीन चिट। हालांकि इसके बाद मोदी ने कहा लेकिन कुछ भी गलत होने पर अफसोस तो होता ही है। अपनी बात के उदाहरण में मोदी ने कहा कि, आप गाड़ी ड्राइव कर रहे हों या फिर बगल की सीट पर बैठे हों, कोई और ड्राइव कर रहा हो - किसी भी स्थिति में अगर कोई पिल्ला गाड़ी के नीचे आ जाए तो आपको दुख तो होता ही है। दुख होना स्वाभाविक है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी गलती हो ही। (पढ़ें, मोदी के समर्थन में बाबा रामदेव ने सोनिया गांधी पर की विवादित टिप्पणी)
उनके इसी कुत्ते वाले बयान की आलोचना शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि उन्होंने एक संप्रदाय विशेष के लोगों को कुत्ते का बच्चा कह कर संबोधित किया। इससे उनकी नजरिए का पता चलता है। हालांकि इस पर बीजेपी की प्रवक्ता निर्मला सीतारमन की ओर से सफाई आई कि मोदी की बात को गलत समझा गया है। उन्होंने किसी को कुत्ता नहीं कहा है।
मोदी ने इंटरव्यू में खुद को हिंदू राष्ट्रवादी बताया और कहा कि हिंदू होना कोई गुनाह नहीं है। दंगों पर मोदी का कहना था, जितनी अक्ल मुझे ऊपर वाले ने दी है, जितनी अनुभव मैंने हासिल किया और उन हालात में जितनी ताकत मुझे हासिल थी, उसे देखते हुए जो कुछ मैंने किया वह बिल्कुल सही था।
मोदी के इस बयान पर कांग्रेसी प्रवक्ता संजय झा ने सवाल उठाया है कि वह हजारों लोगों की मौत की तुलना एक पिल्ले की मौत से कैसे कर सकते हैं? उन्होंने यह भी कहा कि मोदी अपने आप को दंगों के मामले क्लीन चिट कैसे दे रहे हैं?
जद-यू ने मोदी के पिल्ले वाले बयान पर कहा है कि मोदी हमेशा अल्पसंख्यकों को घृणा से देखते हैं। यह लोगों पर है कि वे मोदी की गलती मानते हैं या नहीं, मोदी खुद इसका फैसला नहीं कर सकते हैं, वे फासिस्ट हैं।
सपा ने मोदी से इस बयान पर माफी की मांग की है। सपा की ओर से कहा गया कि मोदी के बारे में लोग ही फैसला करेंगे। उन्होंने तो ने हमेशा से एक ही समुदाय का भला चाहा है।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने मोदी के खुद को हिंदू राष्ट्रवादी बताए जाने पर टिप्पणी की है। खुर्शीद ने कहा है कि हिंदू राष्ट्रवाद अपने आप में एक विरोधाभाषी चीज है। उन्होंने कहा कि मोदी अपने दुश्मन खुद बनते जा रहे हैं।
हालांकि मोदी को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा के बयान से राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा है कि जब गुजरात में दंगे हुए तो मोदी को सीएम बने सिर्फ दो महीने ही हुए थे। यही नहीं उन्होंने तो कहा है कि मोदी में पीएम बनने लायक चीजें हैं बस उन्हें गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों में अपनी लोकप्रियता को बढ़ाना होगा।
आगे पढ़ें, सेक्‍स स्‍कैंडल और चुनावी गहमागहमी के बीच संघ की बैठक, बदलेगी कार्यप्रणाली!
संबंधित खबरें:

इस तरह बढ़ी मोदी से दूरी और अंतत: आडवाणी ने दिया इस्‍तीफा

मोदी: इंटरव्यू देने के लिए चिरौरी करने से लेकर मीडिया से दूरी बनाने तक का सफर

मोदी नहीं हैं पीएम के दावेदार! प्रचार समिति का अध्‍यक्ष कभी पीएम बनने की दौड़ में नहीं रहा

अब जनता को सीडी दिखा कर नीतीश की पोल खोलेगी बीजेपी, जदयू भी ढूंढ़ रहा काट

मोदी का नाम तय होते ही दुनिया चौंकी, किसी ने कट्टरपंथी तो किसी ने विवादास्पद नेता बताया

आडवाणी के राजनीतिक सफर में ये रहे 10 मील के पत्‍थर

संघ प्रमुख के फोन कॉल पर झुके आडवाणी, अटल रहेगा मोदी पर बीजेपी का फैसला

जानिए, कौन हैं मोदी खेमे में और कौन आडवाणी के पक्ष में

RARE: देखें लालकृष्ण आडवाणी की निजी जिंदगी की झलक