पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Who Is Raja Rao Ram Baksh Singh, Gold Treasure Hunt

जानिए कौन थे 'महाखजाने' के मालिक राजा राव राम बक्स सिंह?

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लखनऊ/उन्नाव. यूपी के उन्नाव जिले के डौंडिया खेड़ा गांव में स्थित राजा राव राम बक्स सिंह के किले में सोने के खजाने की तलाश जारी है। इतिहास कार चंद्रकांत तिवारी के मुताबिक, क्रांतिकारी राजा ने सन् 1857 की क्रान्ति में अंग्रेजों के छक्के छुडा दिए थे। वह कौन थे और कब से वह इस किले में रह रहे थे ये किसी को स्पष्ट मालूम नहीं है।
यहां के इतिहासकारों की माने तो 2 जून 1857 की क्रान्ति में डिलेश्वर मंदिर में छिपे बारह अंग्रेज को जिन्दा जला दिया था। इसमें जनरल डीलाफौस भी मौजूद थे। कहा जाता है कि राजा चंडिका देवी के बहुत बड़े भक्त थे। वह रोजाना सुबह मां चंडिका का दर्शन करने के बाद ही सिंघासन पर बैठते थे।
लोगों के अनुसार राजा राव राम बक्स सिंह पूजा करने के बाद अपने गले में एक गेंदे के फूल की माला जरुर पहनते थे। यही वजह है कि जब अंग्रेजो ने उनको अंग्रेजो को जिन्दा जलाने की सजा के रूप में फांसी की सजा सुनाई गयी, और उनको फांसी पर लटकाई गयी तो उन्हें कुछ नहीं हुआ। इस तरह तीन बार उनको फांसी दी गयी मगर राजा को कुछ नहीं हुआ।
तब राजा राव राम बक्स सिंह ने अपने गले में पड़े फूल की माला को उतार कर फेंका और गंगा से अपनी आगोश में लेने की प्रार्थना की। उसके बाद जब अंग्रेजो ने उनको फांसी पर लटकाया तब उनके प्राण शारीर से निकला था।
आगे तस्वीरों में देखिए राजा की कुछ और मूर्तियां...