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8 वर्ष पहले
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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए बुधवार को रिकॉर्ड 66 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के दिन बीजेपी, कांग्रेस और 'आप' ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया। दिल्‍ली में कुल 1.02 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 66.11 लाख पुरुष और 53.20 लाख महिलाएं हैं। इस बार के चुनाव में पहली बार मतदान का अधिकार पाने वाले वोटरों की संख्‍या 4.05 लाख है। दिल्‍ली विधानसभा चुनाव के परिणाम 8 दिसंबर को आएंगे। पिछले विधानसभा चुनाव में दिल्‍ली में 58 प्रतिशत मतदान हुआ था। (पढें- एग्जिट पोल के नतीजे)

मतदान के बाद आए एग्जिट पोल की मानें तो दिल्‍ली में त्रिशंकु विधानसभा के आसार हैं। टाइम्‍स नाऊ और सी वोटर के अनुसार, दिल्‍ली में कांग्रेस को 21, भाजपा को 29, आप को 16 और अन्‍य को 4 सीटें मिल सकती हैं। दूसरी ओर एबीपी-नील्‍सन एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा को 37, कांग्रेस को 16, आप को 15 व अन्‍य को 2 सीटें मिल सकती हैं। इंडिया टुडे-ओआरजी के एग्जिट पोल में भाजपा को 41, कांग्रेस को 20, आप को 6 और बीएसपी व अन्‍य को 3 सीटें मिलती दिखाई गई हैं, जबकि बीएसपी व अन्‍य को 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की शीला दीक्षित पर जीत के अनुमान भी लगाए गए हैं। केजरीवाल ने बुधवार को सबसे पहले हनुमान रोड स्थित नगर पालिका प्राइमरी स्‍कूल स्थित मतदान केंद्र में अपना वोट डाला था। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्‍नी और बच्‍चे भी थे। वोट डालने के बाद केजरीवाल ने कहा कि वह चुनाव परिणामों को लेकर निश्चिंत हैं। उन्‍होंने कहा कि दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में जो मिलेगी, वह उनकी नहीं बल्कि आम लोगों की होगी।
केजरीवाल ने कहा कि वह अगले दो दिन ध्‍यान करेंगे और 7 दिसंबर से फिर सक्रिय हो जाएंगे। आपको बता दें कि 8 दिसंबर को मतगणना होनी है। केजरीवाल नई दिल्‍ली विधानसभा सीट से प्रत्‍याशी हैं। उनके सामने मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष विजेंद्र गुप्‍ता हैं।

(तस्‍वीरें: सोनिया को कतार से हटा कर ले जाया गया मतदान केंद्र के भीतर, मेनका करती रहीं इंतजार)

बहरहाल, आम आदमी पार्टी के चुनावी दौड़ में शामिल होने से इस बार दिल्‍ली विस चुनाव में मुकाबला दिलचस्‍प हो गया है। नतीजों पर मुख्‍य रूप से पांच बातों का असर पड़ सकता है
शीला दीक्षित ने कहा, मुकाबला भाजपा से और नहीं चलेगा मोदी का जादू

शीला दीक्षित ने वोट डालने के बाद कहा कि दिल्‍ली की जनता उसे ही वोट दे जिसने काम किया, जिसने रफ्तार दी। उन्‍होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि दिल्‍ली में हर चुनाव कड़ा होता है। इससे पिछले चुनाव में बीएसपी थी और अब की बार चुनावी मैदान में केजरीवाल हैं। उन्‍होंने कहा कि उनका मुकाबला भाजपा के साथ है और इन चुनावों में मोदी का कोई असर नहीं होने वाला है क्‍योंकि दिल्‍ली की सरकार बनाने से उनका कोई ताल्‍लुक नहीं है।

(25 सीटें, बीएसपी फैक्‍टर, 'नोटा' का असर और युवा वोटर कर सकते हैं दिल्‍ली में उथल-पुथल)

Photos- भूपिंदर सिंह

आगे स्‍लाइड में पढ़िए- दिल्‍ली विधानसभा चुनावों के परिदृश्‍य और संवेदनशील बूथों के बारे में।