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तीसरी लाइन पर 120 किमी की रफ्तार से दौड़ी डीआरएम स्पेशल

8 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता - गंजबासौदा
तीसरी लाइन पर मंगलवार को सुबह डीआरएम स्पेशल ट्रेन बरेठ से पबई स्टेशन के बीच 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से निकाली गई। ये ट्रायल तीसरी लाइन पर ट्रेनों को १1० किमी की रफ्तार से दौड़ाने के लिए किया गया । इस मौके पर डीआरएम राजीव चौधरी के साथ संभाग के सीपीडी डीडी देवांगन भी मौजूद थे। वर्तमान में तीसरी लाइन पर अधिकतम स्पीड 90 किमी प्रति घंटे के हिसाब से दी गई थी। इस गति में 20 किमी की बढ़ोतरी करने के लिए नई लाइन का परीक्षण किया जाना था। परीक्षण के बाद मिले नतीजों के हिसाब से तीसरी लाइन की रफ्तार को हरी झंडी मिल जाएगी।
विदिशा भी रुकी ट्रेन
डीआरएम स्पेशल भोपाल से बीना जाते समय विदिशा में कुछ समय के लिए रुकी। पहले बीना से भोपाल जाते समय स्पेशल को विदिशा में दस मिनट का स्टापेज रखा गया था। बाद में कार्यक्रम में कुछ बदलाव किया गया।




ऐसे हुई तीसरे ट्रैक पर ट्रायल

भोपाल से डीआरएम स्पेशल ट्रेन सुबह ८.३० बजे रवाना हुई। गंजबासौदा रेलवे स्टेशन से बीना के लिए ९.३० बजे निकली। इसके बाद बीना से वापस भोपाल के लिए रवाना हुई। स्पेशल सुबह भोपाल वापस जाते समय 11 बजकर ५ मिनट पर बरेठ से तीसरी लाइन पर आई और 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती 11 बजकर 8 मिनट पर पबई की ओर रवाना हो गई। इसके बाद पबई से भोपाल चली गई। डीआरएम स्पेशल में टै्रक से संबंधित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

वर्तमान में रफ्तार 90 किमी

वर्तमान में बरेठ से पबई के बीच तीसरी लाइन पर ट्रेनों के लिए अधिकतम 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दी गई है। इसके चलते इसी गति से ट्रेनों को निकाला जा रहा है। इसी प्रकार ट्रेक पाइंटों पर जहां से गाड़ी एक पटरी से दूसरी पटरी पर जाती है वहां वर्तमान में 15 किमी प्रति घंटे के हिसाब से रफ्तार रखी गई है। पांइटों पर भी तीस किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनों को निकाला जाना है। इसके लिए पहले परीक्षण जरुरी है। यह परीक्षण इसी क्रम का हिस्सा है।



विदिशा से बीना

तक ट्रैक तैयार

विदिशा से बीना के बीच तीसरी लाइन का ट्रेक तैयार हो चुका है। लेकिन ट्रैक को अब तक बरेठ से पबई के बीच ही रंनिंग ट्रैक में शामिल किया गया है। इसके चलते तीसरी लाइन तीन स्टेशनों में ही अस्तित्व में आई है। शेष रेलवे स्टेशनों पर तीसरी लाइन को जोडऩे के लिए मुंबई रेल सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण और स्वीकृति का आरवीएनएल को इंतजार है। जब तक सुरक्षा आयुक्त की स्वीकृति नहीं मिलती। तीसरी लाइन को रनिंग ट्रैक में शामिल करने के लिए कार्य प्रारंभ नहीं हो सकता।

समय पर कार्य नहीं

बीना से भोपाल तक तीसरी लाइन का निर्माण पूरा करने के लिए आरवीएनएल को वर्ष 2012-13 का समय दिया गया था। बाद में यह समय एक साल बढ़ा कर वर्ष 2013-14 किया गया। उसके बाद भी अभी कार्य पूरा नहीं हो पाया।

काम नहीं हुआ पूरा

॥आरवीएनएल ने भोपाल बीना के बीच तीसरी लाइन का काम पूरा नहीं किया। गंजबासौदा के आसपास तीन स्टेशनों में ही काम पूरा हुआ है। अन्य स्टेशनों में काम तेजी से किया जा रहा है।

पीयूष माथुर, सीपीआरओ जबलपुर।



ञ्चइससे पहले ९० किमी घंटे की रफ्तार से दौड़ती थी ट्रेन

ञ्चबरेठ से पबई स्टेशन के बीच हुआ स्पीड का परीक्षण



ट्रायल रन - परीक्षण के नतीजों के हिसाब से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को मिलेगी हरी झंडी

गंजबासौदा। मंगलवार को बरेठ से पबई के बीच तीसरी लाइन पर १२० किमी की स्पीड से चली डीआरएम स्पेशल ट्रेन।