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जल रहा बिहारः दो की मौत, उग्र भीड़ बेकाबू

10 वर्ष पहले
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पटना. मधुबनी में पुलिस के खिलाफ भड़का गुस्सा  शनिवार को नेपाल से सटे जयनगर, बासोपट्टी और दरभंगा में  पसर गया। जयनगर में थाने पर प्रदर्शन कर रही भीड़ पर पुलिस की ओर से फायरिंग में तीन  लोगों को गोली लगी जबकि उग्र भीड़ ने बासोपट्टी व खजौली थाने और ब्लॉक आफिस सहित कई गाडिय़ों को आग में झोंक दिया। इधर, मधुबनी में हुर्ई पुलिस फायरिंग में दो छात्रों की मौत और पुलिस ज्यादती के विरोध में वाम दलों ने 15 अक्टूबर को बिहार बंद बुलाया है। लालू प्रसाद के राजद और रामविलास पासवान की लोजपा भी बिहार बंद में पूरी ताकत लगाएगी। इन दलों ने कहा है कि अब नीतीश कुमार को गद्दी छोड़ देनी चाहिए।

 
 
कल हुई पुलिस फायरिंग के बाद राज्य सरकार ने दरभंगा जोन के आईजी आरके मिश्रा, मधुबनी के डीएम व एसपी को हटाने के साथ ही दसवीं में पढऩे वाली लड़की को अगवा किये जाने की घटना की सीबीआई जांच कराने का फैसला किया है। कल हुई पुलिस फायरिंग में दो छात्रों की मौत हो गयी थी। आज दूसरे दिन लोग गम और गुस्से से भरे हुए थे और जगह-जगह पुलिस के खिलाफ लोग सड़क पर उतर गये थे। पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा। उनकी जमकर धुनाई की गयी। पुलिस की पिटाई से कई शिक्षकों, छात्रों व आम नागरिकों के हाथ-पैर टूट गये। 
 
 
जनाक्रोश के दूसरे दिन भी स्थानीय लोग आईजी, एसपी और शिक्षा विभाग के प्रोग्राम अधिकारी पर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि बड़े अधिकारी प्रोग्राम अधिकारी को फेवर कर रहे हैं। प्रोग्राम अधिकारी की बेटी अगवा है। आरोप है कि प्रशांत ने अधिकारी की बेटी को अगवा कर लिया था। यह अफवाह भी फैली है कि इज्जत के लिए कथित रूप से अपह्त लड़की को मार दिया गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसके बारे में कोई कुछ नहीं बोल रहा है।
 
पुलिस ने प्रशांत का शव सौंपा
मधुबनी और उसके आसपास के इलाकों के आग में झुलसने के बाद पुलिस ने प्रशांत नामक लड़के का शव उसके परिजनों को सौंप दिया। मालूम हो कि दसवीं में पढऩे वाले प्रशांत का शव पुलिस ने तीन अक्टूबर को बरामद किया था। पुलिस शव को प्रशांत के परिजनों को देने के बदले उसका डीएनए टेस्ट कराने की बात कर रही थी। शव को पाने के लिए प्रशांत की 70 वर्षीय दादी, उसकी मांग और अरेर गांव के दूसरे लोग गुरुवार से मधुबनी कलक्ट्री पर अनशन पर बैठे थे। शुक्रवार को उनके समर्थन में बड़ी तादाद में छात्र भी अनशन पर बैठ गये थे। प्रशांत पर ही लड़की को अगवा करने का मुकदमा उसके पिता जो प्रोग्राम अधिकारी हैं, की ओर से दर्ज करायी गयी है। शनिवार की देर शाम जिवछ नदी के किनारे हजारों नम आंखों ने प्रशांत को विदाई दी।
 
मिथिलांचल में रविवार को प्रोटेस्ट मार्च
मिथिलांचल में भाकपा माले के लीडर धीरेंद्र झा ने भास्कर डॉट कॉम से बातचीत में कहा कि संपूर्ण मिथिलांचल में पुलिस के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। रविवार को दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, समस्तीपुर में प्रोटेस्ट मार्च होगा। दरभंगा में आज भी स्वत:स्फूर्त लोग सड़कों पर उतरे और पुलिस ज्यादती के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार मधुबनी पुलिस फायरिंग की ज्यूडिशियल इनक्वायरी कराने का ऐलान कर असली मुजरिमों को बचाना चाहती है। लोग चाहते हैं कि दरभंगा के आईजी, मधुबनी के एसपी और प्रोग्राम  अधिकारी को फौरन हत्या के आरोप में अरेस्ट किया जाये।