छत्तीसगढ़ पीएमटी-पीईटी जून में

10 वर्ष पहले
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रायपुर. छत्तीसगढ़ प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी)और प्री इंजीनियरिंग टेस्ट जून में आयोजित होगी। पिछले साल तक मई में परीक्षा का आयोजन होता रहा है। इस साल स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने अभी तक परीक्षा और प्रवेश नियमों की जानकारी व्यापमं को नहीं भेजी है। इस वजह से विभागीय अधिकारियों ने परीक्षा मई में आयोजित कराने से मना कर दिया है। पिछले साल दोनों परीक्षाएं 11 और 12 मई को आयोजित की गई थी। भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण और इंजीनियरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे सीटें खत्म करने को लेकर बवाल मचा है। इसी वजह से दोनों संचालनालय नियमों की जानकारी नहीं भेज सके हैं। इसका सीधा असर परीक्षा की तैयारी पर पड़ा है। पिछले साल 2011 में मार्च के अंतिम सप्ताह तक फॉर्म की बिक्री और जमा करने का काम पूरा कर लिया गया था। इस साल अब तक फॉर्म छपाई के लिए नहीं भेजे जा सके हैं। स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा के अधिकारियों की लापरवाही के चलते डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों को फिलहाल दूसरे राज्यों की परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। बिगड़ जाएगा शेड्यूल छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से जून में परीक्षा आयोजित होने की दशा में इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों का शैक्षणिक सत्र बिगड़ सकता है। जून में परीक्षा आयोजित होने पर जुलाई तक नतीजे घोषित किए जाएंगे। परिणाम आने के बाद काउंसिलिंग में एक महीने का समय लगेगा। ऐसे में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते तक सितंबर का महीना शुरू हो जाएगा। इस स्थिति में कॉलेजों की पढ़ाई अक्टूबर में शुरू हो पाएगी। इससे सेमेस्टर की परीक्षा किसी भी परिस्थिति में दिसंबर में आयोजित नहीं हो पाएगी। परीक्षा समिति नदारद पीएमटी और पीईटी की तिथि घोषित करने के लिए परीक्षा समिति की बैठक तक नहीं हो पाई है। पहले यह बैठक मार्च के पहले सप्ताह में आयोजित होनी थी, लेकिन कई कारणों के बाद इसे होली के बाद आयोजित करने की बात कही गई। होली बीत जाने के कई दिनों बाद भी अब तक परीक्षा समिति की बैठक आयोजित नहीं हो पाई है। समिति की बैठक के बाद ही परीक्षा तिथियों की घोषणा हो पाएगी। बाकी परीक्षाओं का क्या होगा? पीएमटी-पीईटी समेत व्यापमं की ओर से प्री पीजी आयुर्वेद, पीएटी, पीपीटी, प्री पीपीएचटी, बीएड, डीएड, बीएएमएस और प्री एमसीए की भी परीक्षा आयोजित की जाती है। ये सभी परीक्षाएं मई में आयोजित हो जानी चाहिए, लेकिन पीएमटी और पीईटी में देरी के चलते इन परीक्षाओं की तिथि भी अटकी हुई है। इन सभी परीक्षाओं में एक लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होते हैं। इस वजह से परीक्षा की तिथि घोषिथ न होने की वजह से उनके अभिभावक भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।