पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • "Thank God, The Government Initiative Are Our Daug

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

'थैंक गॉड, सरकार के इस पहल से हमारी बेटियां जल्दी घर तो आ जाती हैं'

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायपुर/महासमुंद। पतेरापाली की पूजा ध्रुव को अब स्कूल आने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। अनुसूचित जनजाति वर्ग की मजदूर माता-पिता की 14 वर्षीय पूजा यहां स्थानीय शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा नवमी की छात्रा है। पूजा कहती है कि स्कूल से उसके गांव की दूरी लगभग छ: किलोमीटर है। शासन की महत्ती सरस्वती साइकिल योजना के तहत लाभांवित होने से पहले उसे रोज इस दूरी को पैदल तय करने में सुबह शाम मिलाकर लगभग दो घंटे अधिक समय लगते थे। मगर जब से उसे साइकिल मिली है, यह दूरी आसानी से कम समय में तय कर लेती है। पूजा बताती है कि अब खुद की साइकिल होने से वह स्कूल समय पर पहुंचती है। साथ ही घर के कई जरूरी काम भी वह साइकिल से जाकर निपटा लेती है। इससे उसके माता-पिता को भी काफी सहयोग मिलता है। इसी स्कूल की कक्षा नवमीं की भुरका निवासी बुधनतिन साहू और लाफिनखुर्द निवासी सीमा ध्रुव भी सरस्वती साइकिल मिलने से काफी खुश हैं। उनका कहना है कि उनके गांव से स्कूल की दूरी लगभग आठ किलोमीटर थी। इतने दूर पैदल आना-जाना संभव नहीं होता था। ऐसे में वे अपनी सहेलियों के साथ उनकी साइकिल में आती थीं। कभी सहेली को कुछ आवश्यक काम आने या फिर उनके बीमार प़ड जाने पर स्कूल आने में ब़डी दिक्कत होती थी। अब राज्य शासन की महत्ती सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल मिलने से उनके स्कूल की राह आसान हो गई है। सोरिद निवासी 15 वर्षीय कुंती गोंड, बीटीआई रोड निवासी धुलेश्वरी कोसरे, केनेकेरा निवासी जानकी कोसरे, झालखम्हरिया की 14 वर्षीय हेमलता साहू, बरोंडा बाजार की संजू रानी गायकवा़ड, इमलीभाठा की नीतू सोनी और मोहारी भाठा की प्रीति यादव को भी सरस्वती साइकिल मिलने से काफी फायदा हुआ है। यह सब मुस्कुराते हुए कहती हैं कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री की बदौलत, आज हमारी प़ढाई की राह आसान हो गई है। अब स्कूल आने जाने में पहले से कम समय लगता है। पैदल आने-जाने की थकान भी नहीं लगती है और वे इस बचे समय का सद्पयोग करते हुए ज्यादा मेहनत और लगन से प़ढाई कर रही हैं। अब वे घरेलु काम में माता-पिता को सहयोग करने आस-पास से जरूरी सामान भी अपनी साइकिल से लाकर देती हैं। स्कूल में सरस्वती साइकिल योजना के तहत इस साल अनुसूचित जाति-जनजाति और बीपीएल वर्ग की कक्षा नवमी की 383 बालिकाओं को साइकिल बांटी गई है। इससे अब बच्चिया समय पर स्कूल आ रही हैं। उनकी उपस्थिति भी स्कूल में काफी अच्छी है। छात्राएं समय से पहले स्कूल और घर पहुंच जा रही है। इस शैक्षणिक सत्र में 6 हजार 340 बालिकाओं को सरस्वती सायकिल योजना के तहत लाभांवित करने का लक्ष्य है। जिसमें से सर्वाधिक छात्राएं गल्र्स स्कूल की हैं। हिमांशु भारतीय, प्राचार्य, गल्र्स स्कूल

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- कहीं इन्वेस्टमेंट करने के लिए समय उत्तम है, लेकिन किसी अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन अवश्य लें। धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपका विशेष योगदान रहेगा। किसी नजदीकी संबंधी द्वारा शुभ ...

और पढ़ें