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कैग का खुलासा- रिलायंस, अदानी को गुजरात सरकार ने पहुंचाया करोड़ों का फायदा

7 वर्ष पहले
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आनंदीबेन पटेल ने इसी साल मई में गुजरात के मुख्‍यमंत्री की कुर्सी संभाली थी।
गांधीनगर। कैग (भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) ने गुजरात सरकार पर रिलायंस और अदानी सहित कई दूसरी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। कैग ने अपनी रिपोर्टों में कहा है कि राज्‍य सरकार द्वारा करीब 25 हजार करोड़ रुपए की वित्‍तीय अनियमितताएं की गईं और इनमें से 1500 करोड़ रुपए का इस्‍तेमाल रिलायंस पेट्रोलियम, एस्‍सार पावर और अदानी ग्रुप सहित अन्‍य कई कंपनियों को फायदा पहुंचाने में किया गया। अंग्रेजी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया ने इस बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की है।
रिलायंस को पहुंचाया फायदा
कैग की रिपोर्टें बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को गुजरात विधानसभा में पेश की गईं। 'इकोनॉमिक सेक्‍टर' पर कैग की ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया कि गुजरात मैरीटाइम बोर्ड ने कैप्टिव जेट्टी अग्रीमेंट के तहत रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड से गलत शुल्‍क चार्ज किया। इस कदम से सरकार को 649.29 करोड़ रुपए कम हासिल हुए।
एस्‍सार को फायदा
कैग ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) के मामलों पर भी रिपोर्ट पेश की। इसमें कहा गया कि बिजली खरीद संबंधी समझौता पूरा होने के बाद भी जीयूवीएनएल ने डिलीवरी को लेकर कदम नहीं उठाया। इसकी वजह से एस्‍सार पावर गुजरात लिमिटेड को 587.50 करोड़ रुपए का अनुचित फायदा मिला।
अदानी को फायदा
ऑडिट एजेंसी ने कहा कि अदानी ग्रुप के स्‍वामित्‍व वाले मुंद्रा बंदरगाह पर फेज एक के तहत हो रहे निर्माण कार्यों पर निगरानी नहीं करने की वजह से सरकार को 118.12 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
वित्‍तीय प्रबंधन पर राज्‍य सरकार की आलाेचना
कैग ने अपनी रिपोर्ट में गुजरात सरकार द्वारा सोलर कंपनियों को ज्‍यादा पैसा देने के कदम की भी आलोचना की। रिपोर्ट में कहा गया, जीयूवीएनएल द्वारा सोलर पॉलिसी के तहत ज्‍यादा अनुबंधों की वजह से राज्‍य के उपभोक्‍ताओं पर 473.20 करोड़ रुपए का अतिरिक्‍त बोझ आया।
गुजरात के वित्‍तीय प्रबंधन मामलों पर कैग ने 'स्‍टेट फाइनेंसेस' नाम से अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें ऑडिट एजेंसी ने खराब वित्‍तीय प्रबंधन के मामले पर राज्‍य सरकार की आलोचना की। रिपोर्ट में कहा गया कि दो ऐसे मौके आए जब 13,049.67 करोड़ रुपए के ग्रांट्स बिना इस्‍तेमाल के रह गए।