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1983 पीटीआई की भर्ती रद्द, कर्मचारी चयन आयोग को नए सिरे से भर्ती के निर्देश

9 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. हरियाणा में 1983 फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर्स (पीटीआई) की भर्ती को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस एजी मसीह ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई करते हुए पांच माह में नए सिरे से भर्ती की जाए। कुल 68 याचिकाएं दायर कर भर्ती को खारिज करने की मांग की गई थीं। याचिकाओं में कहा गया कि 28 दिसंबर 2006 को भर्ती के लिए तय मानदंडों की अनदेखी कर नियुक्तियां की गई। पहले जहां इंटरव्यू के 25 अंक तय किए गए थे, वहीं इसे बाद में बदलकर 30 कर दिया गया। याचिकाओं में कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने के बाद इसमें फेरबदल नहीं किया जा सकता। महज चहेतों को नियुक्ति देने के लिए मानदंड बदले गए। 14 उम्मीदवारों को दिए अधिक अंक सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया कि 14 ऐसे उम्मीदवारों को इंटरव्यू में ज्यादा अंक दिए गए, जिनकी शैक्षिक योग्यता कम होने के कारण नियुक्ति की कोई संभावना नहीं थी। पीटीआई भर्ती का पूरा खेल 20 जुलाई 2006 को कर्मचारी चयन आयोग ने 1983 पीटीआई की भर्ती के आवेदन मांगे। 21 अगस्त तक आवेदन जमा करने थे, 21 जनवरी 2007 को लिखित परीक्षा का नोटिस। धांधली की शिकायतें मिलने की बात कहकर परीक्षा को खारिज कर दिया गया। फिर 20 जुलाई 2008 को परीक्षा तय की गई जिसे प्रशासनिक कारणों का हवाला दे खारिज किया। इसके बाद पात्रता तय कर पदों से 8 गुणा उम्मीदवार सीधे इंटरव्यू के लिए बुला लिए गए। 2 सितंबर 2008 से लेकर 17 अक्टूबर 2008 तक उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए। पहले इंटरव्यू के 25 अंक तय किए गए थे, वहीं इसे बाद में बदलकर 30 कर दिया गया। 10 अप्रैल 2010 को भर्ती का परिणाम घोषित किया गया। 1983 उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई। हटाए गए थे 719 गेस्ट टीचर चंडीगढ़त्न नियुक्ति में अनियमितता पाए जाने पर हाईकोर्ट ने हाल ही में 719 गेस्ट टीचर्स को हटाने के निर्देश दिए थे, जिस पर कार्रवाई करते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग ने 8 सितंबर को गेस्ट टीचर की सेवाएं समाप्त कर दीं थी। जांच में पता चला कि इनमें कई के जाली प्रमाण पत्र हैं, कई के पास शैक्षणिक योग्यता नहीं है। कई लोगों को उस अवधि में नौकरी पर रखा गया जब इनकी नियुक्तिपर सरकार ने रोक लगा दी थी।