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बारहवीं में अच्छे अंक से एआईईईई में होगा चयन

10 वर्ष पहले
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यमुनानगर. प्लस टू की परीक्षा में अच्छे अंक लाने से एआईईई में सलेक्शन हो सकेगा है। साथ ही बिना कोचिंग व साल गंवाए बिना ही श्रेष्ठ इंजीनियरिंग कालेजेस में दाखिला मिल सकता है। क्योंकि इन प्रतियोगी परीक्षाओं का अधिकांश सेलेबस प्लस टू से मिल जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके लिए एक्स्ट्रा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती। सीबीएससी बोर्ड की एक्जाम जहां खत्म होने वाले हैं। भिवानी बोर्ड की ओर से परीक्षाओं की तारीख 15 मार्च रखी गई है। जिनमें एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। इन दिनों साइंस वाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के साथ-साथ इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए भी सिलेबस की रवीजन करने की जरुरत है। अप्रैल में है टेस्ट: एआईईईई(ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एक्जाम) की टेस्ट २९ अप्रैल को आफ लाइन होगी। वहीं सात मई से २६ मई को आन लाइन टेस्ट की तारीख रखी गई है। इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए बारहवीं में साइंस के छात्र टेस्ट देते हैं। इसमें अच्छी रंैक वाले छात्र को ही इंजीनियरिंग में एडमिशन मिलता है। कैसे लाएं अच्छे अंक व रैंक: एआईईईई की तैयारी करवाने वाले अदित्यवीर सिंह का कहना है कि छात्रों को बारहवीं में अच्छे अंक लाने के लिए आखिरी दिनों में अधिक से अधिक सिलेबस को रिवीजन करना चाहिए। एआईईईई के लिए फिजिक्स, केमेस्ट्री व गणित की जमकर प्रैक्टिस करें। टेस्ट में इन्हीं विषयों से अधिक सलेबस आता है। सैंपल पेपर को रिवाईज करना चाहिए। इससे उन्हें टेस्ट का लेवल पता चलता है। जोकि छात्रों को अच्छी रैंक दिलाने में सहायक होता है। उनका कहना है कि सैंपल पेपर बाजार में टेस्ट के लिए उपलब्ध किताबों से ले सकते हैं, या फिर सीबीएसई व हरियाणा बोर्ड की सइट से डाउनलोड कर सकते हैं। बारहवीं के परीक्षा के तुरंत बाद करे तैयारी: छात्र बाहरवीं में अच्छे अंक लाने के लिए तो मेहनत करते हैं, ले¨कन टेस्ट को हल्के में ले लेते हैं। जिससे वे अच्छे रैंक पाने मंे पीछे छूट जाते हैं। परीक्षा के दिनों से लेकर टेस्ट के दिन तक अगर रेगुलर तैयारी की जाए तो टेस्ट की अच्छे से तैयारी कर सकते है। यहां हैं एआईईईई के सेंटर टेस्ट के लिए जिले से हजारों छात्र एआईईईई के टेस्ट का फार्म भरते हैं। इसमें अधिकतर टेस्ट आफ लाइन के माध्यम से देते है। हजारों की संख्या में जिले से परिक्षार्थी होने के बाद भी यहां पर टेस्ट का सेंटर नहीं बनाता। इसके लिए उन्हें कुरु क्षेत्र व अंबाला टेस्ट देने के लिए जाना पड़ता है। वहीं आन लाइन टेस्ट में कम छात्र होते हैं। इसका सेंटर दिल्ली, नोएडा व चंडीगढ़ होता है। दूर होने से आन लाइन टेस्ट कम छात्र ही देते है।