6 कॉलेज चल रहे हैं किराये के मकानों पर !

10 वर्ष पहले
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नाहन
एक ओर जहां सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने का राग अलापती रहती है। वहीं धरातल पर नेताओं के दावों की सच्चाई कुछ ओर ही है। वोट बटोरने के लिए सिरमौर में लोगों की मांग पर भाजपा व कांग्रेस की सरकारों ने कॉलेज खोलने की घोषणाएं तो कर दी, मगर कॉलेजों में आधारभूत सुविधाओं की भारी कमी है।

इससे क्षेत्र के लोगों में एक ओर जहां कॉलेज खुलने की खुशी है, वहीं सुविधाएं न देने के लिए छात्र अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। सिरमौर के आठ कॉलेजों में बच्चों को उच्च शिक्षा दी जा रही है। हैरानी तो इस बात की है कि जिले के आठ कॉलेजों में से अपने भवन केवल दो ही कॉलेजों के पास है।

जिला मुख्यालय नाहन में पीजी कॉलेज व संस्कृत कॉलेज है। इसके अलावा, पांवटा साहिब, शिलाई, संगड़ाह, हरिपुरधार, राजगढ़ व सराहां में कॉलेज चल रहे हैं। इनमें से पीजी कॉलेज पांवटा व संस्कृत कॉलेज नाहन के पास ही अपने भवन हैं।

कब पूरा होगा भवनों का निर्माण : संगड़ाह में कॉलेज खोलने की घोषणा पूर्व कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2006 में की थी। यहां पर आठ करोड़ रुपए की लागत से कॉलेज के तीन ब्लॉक का निर्माण अप्रैल 2007 से निर्माणाधीन है। कॉलेज भवन के निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है।

चार वर्ष बीत जाने के बाद भी इस भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसके अलावा शिलाई व राजगढ़ में कॉलेज खोलने की घोषणा सरकार द्वारा की गई है। इन कॉलेजों के भवन का निर्माण भाजपा सरकार के समय से किया जा रहा है, मगर अभी तक इन कॉलेजों के भवनों का निर्माण विभाग की लचर कार्यप्रणाली के कारण पूरा नहीं हो सका है।

कॉलेज भवन न होने से छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राजगढ़ कॉलेज अभी रेन बसेरा में चल रहा है। संगड़ाह कॉलेज स्कूल के पुराने भवन में चल रहा है।

शिलाई कॉलेज का भी यही हाल है। हरिपुरधार कॉलेज का भवन तीन वर्ष से निर्माणाधीन है।