पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

7 साल बाद नियमित होंगे दिहाड़ीदार कर्मी

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शिमला। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत दिहाड़ीदारों कर्मियों को राहत दी है। अब दिहाड़ीदार कर्मी सात साल बाद नियमित होंगे। पहले यह अवधि आठ साल थी। इस समय हिमाचल में 17,551 दिहाड़ीदार कर्मचारी हैं। इनमें से 11 हजार ऐसे कर्मचारी है, जिनका कार्यकाल सात साल से अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने यह घोषणाएं वीरवार को आईस स्केटिंग रिंक में आयोजित अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए कीं। कई वर्षो से सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा दे रहे आईटी टीचर को भी राहत दी गई है। धूमल ने इन टीचर्स को सरकारी क्षेत्र में लाने के लिए पॉलिसी बनाने की घोषणा की। सिलाई-कढ़ाई शिक्षिकाओं को भी खुश किया मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने वर्तमान प्रदेश में हजारों सिलाई एवं कढ़ाई अध्यापिकाओं को भी खुश करने की कोशिश की है। इन अध्यापिकाओं को पंचायत सहायक में अपग्रेड किया जाएगा। इन अध्यापिकाओं की यह लंबे समय से डिमांड चल रही थी, मुख्यमंत्री ने अध्यापिकाओं को राहत प्रदान की है। वहीं फिमेल हैल्थ वर्कर की तबादला नीति जिला कैडर किए जाने की घोषणा की है। इन कर्मचारियों के लिए बनेगी नई नीति मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में सोसायटी के तहत लगे कर्मचारियों के लिए भी नीति बनाने की घोषणा की है। इसमें रोगी कल्याण समिति के तहत सेवाएं दे रहे कर्मचारी, आईटी क्षेत्र, एड्स कंट्रोल सोसाइटी, पीटीए आदि अन्य विभागों में सोसाइटी के तहत लगे कर्मचारियों के लिए नीति बनेगी। पीटीए शिक्षकों की मांगें भी मानी पीटीए शिक्षकों को ग्रांट और ऐड दी जाती थी। लेकिन, अब इन कर्मचारियों को भी हर महीने तनख्वाह मिलेगी। धूमल ने कहा कि भाजपा सरकार ने हर वर्ग को ध्यान में रखकर कार्य किए है। महासंघ ने जो भी मांगे रखी, सरकार ने इन मांगों को कभी नजर अंदाज नहीं किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कोटा बढ़ाया: मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सुपरवाइजर व कार्यकर्ताओं को भी राहत दी है। इनके कोटे में जो कटौती की गई थी, उसे भी 70 से बढ़ाकर 90 फीसदी करने की घोषणा की है। कांग्रेस नहीं कर सकी, हमने किया: धूमल मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की यह मांगे लंबे समय से लंबित पड़ी थी, महासंघ बार बार इन मांगों को उठाता रहता है। इसमें चाहे कंप्यूटर शिक्षक हो या फिर विभागों में सोसाइटी क तहत सेवाएं दे रहे कर्मचारी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की नियुक्तियां कर दी। लेकिन, इनके लिए न तो पालिसी बनाई और न ही कोई नीति। महापंचायत में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, महासचिव एनआर ठाकुर मौजूद थे।