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निर्णय : कॉलेज लेक्चरर भी कराएंगे पीएचडी

10 वर्ष पहले
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शिमला . प्रदेश विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षक भी अब पीएचडी गाइड बन सकेंगे। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यूजीसी मापदंडों को पूरा करने वाले कॉलेज शिक्षकों को पीएचडी गाइड बनाने के लिए मंजूरी दे दी है। इससे पीएचडी के सैकड़ों छात्रों को गाइडों की कमी नहीं खलेगी और अपने राज्य में ही पीएचडी करने की सुविधा मिलेगी। एचपी यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी और कॉलेज प्राध्यापक संघ के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले यूनिवर्सिटी के शिक्षक ही छात्रों को पीएचडी कराने के योग्य होते थे। बैठक के दौरान प्रशासन ने पीएचडी समेत कुल15 महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कॉलेज प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रो. आरके कायस्था ने कॉलेज शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। पुराने पैटर्न पर तैनाती वार्षिक परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर अधीक्षक और उप अधीक्षकों की तैनाती पुराने पैटर्न पर ही होगी। इसके तहत जिन शिक्षकों का अनुभव पांच साल से अधिक होगा, उन्हें इन केंद्रों पर तैनाती दी जाएगी। इसके अलावा विवि के उड़नदस्तों में कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी कॉलेज अपने स्तर पर ही प्रेक्टिकल परीक्षाएं करवा सकेंगे। इन पर भी हुई सहमति कॉलेजों में किसी हालत में नहीं बढ़ेगी प्रवेश की अंतिम तिथि पुराने पैटर्न पर 11 मई से दस जून तक होंगी शिक्षकों की छुट्टियां मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों का मानदेय बढ़ाया जाएगा असेसमेंट: प्रिंसिपल लेंगे निर्णय यदि किसी कॉलेज छात्र के किसी विषय की इंटरनल असेसमेंट में शून्य अंक आते हैं तो उसका परीक्षा फॉर्म रद्द माना जाएगा। ऐसे में छात्र को परीक्षा में बैठने की अंतिम अनुमति कॉलेज प्रिंसिपल देगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पहली अप्रैल से ही मूल्यांकन शुरू किया जाए। साथ ही नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि मूल्यांकन समय पर पूरा हो सके।