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एचपी यूनिवर्सिटी में बंद होंगे छात्र संघ चुनाव!

9 वर्ष पहले
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) सहित कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लग सकती है। इस तरह अब छात्र राजनीति पर पूरी तरह अंकुश लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में प्रदेश भर के कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने कुलपति से चुनाव न करवाने की अपील की है। इस प्रस्ताव को ईसी की बैठक में रखा जाएगा। ईसी में प्रस्ताव पास होने के बाद इसे सरकार के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कॉलेज प्रिंसिपलों की राय से स्पष्ट हो गया है कि वह कॉलेजों में छात्र राजनीति नहीं चाहते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि छात्र राजनीति के आधार पर बनने वाली एससीए अब मनोनीत होगी। इसमें एकेडमिक, खेल और अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों में से ही मनोनीत करके एससीए का गठन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति ने छात्र संगठनों पर बैन और छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाने के लिए एक हफ्ते तक स्पष्ट करने की बात कही है। इससे पहले मंगलवार को विश्वविद्यालय में प्रदेश भर के सरकारी और निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की कुलपति के साथ बैठक हुई। बैठक में एकमत से कॉलेज प्रिंसिपलों ने छात्र राजनीति पर रोक लगाने का समर्थन किया। छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। एचपीयू ही नहीं कॉलेजों में भी बंद करो एचपीयू के कमेटी रूम में कुलपति के साथ प्रिंसिपलों की बैठक मंगलवार को करीब 11 बजे शुरू हुई। अन्य मुद्दों के साथ एससीए चुनाव पर चर्चा हुई। करीब 12 बजे प्रिंसिपलों से चुनाव के संबंध में सुझाव मांगे गए। इस पर प्रिंसिपलों ने एक स्वर में कहा कि यदि चुनाव बंद करवाने हैं तो एचपीयू में ही नहीं कॉलेजों में भी बंद होने चाहिए। बैठक में एक कॉलेजों के प्रिंसिपल ने कहा कि यदि चुनाव करवाने हैं तो जल्दी करवाएं, वरना बंद करें। इसका जवाब देते हुए कुलपति ने कहा कि यदि कॉलेज प्रशासन उन्हें सहयोग करेंगे तो वह चुनाव बंद करवा देंगे। प्रिंसिपलों का कहना है कि कई बार तो छात्र संगठन कक्षाओं का बहिष्कार भी करते हैं। 100 प्रिंसिपलों ने दी राय एचपीयू में कुलपति के साथ बैठक के दौरान 100 प्रिंसिपल मौजूद थे। इनमें कोटशेरा कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रवीण महाजन, सोलन डिग्री कॉलेज की रीना तनवर, ठियोग कॉलेज के पी सांख्यान, बिलासपुर के आरपी चोपड़ा, धर्मशाला कॉलेज के सतीश शर्मा, घुमारवीं के जोगेंद्र नेगी, सुन्नी कॉलेज की उमा वर्मा, सावड़ा कॉलेज के शशि सूद, सीमा कॉलेज के डॉ. बृजलाल बिंटा सहित निजी कॉलेजों के प्रिंसिपल भी मौजूद थे। मनोनीत एससीए पर विचार कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने छात्र राजनीति पर रोक और छात्रसंघ चुनाव न करवाने का सुझाव दिया है। शैक्षणिक माहौल को बनाने के लिए छात्र राजनीति पर रोक लगाना जरूरी हो गया है। इस प्रस्ताव को जल्द ही ईसी की बैठक में रखा जाएगा। छात्र अपनी समस्याएं प्रशासन को बताएं। मनोनीत एससीए बनाने पर भी विचार चल रहा है। ञ्जञ्ज प्रो. एडीएन वाजपेयी, कुलपति, एचपीयू