खराब रिजल्ट : इंक्रीमेंट पर कैंची

10 वर्ष पहले
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हमीरपुर. बोर्ड की परीक्षा में खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों और प्रवक्ताओं की इंक्रीमेंट पर कैंची चलेगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से सब्जेक्ट वाइज खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों की सूची मांग ली है। ज्वाइंट डायरेक्टर सेकंडरी (शिक्षा) एसके सेखड़ी ने बताया कि शिक्षकों को अपने विषय में बोर्ड परीक्षा के घोषित रिजल्ट प्रतिशतता का 50 फीसदी रिजल्ट देना अनिवार्य किया गया था। प्रदेश कई शिक्षक इस शर्तो को पूरा नहीं कर सके। इसके चलते शिक्षा निदेशक सेकंडरी ने सभी उपनिदेशकों से स्कूल वाइज ऐसे शिक्षकों और प्रवक्ताओं की सूची मंगवा ली है। उपनिदेशकों ने भी सभी स्कूलों से इस संदर्भ में सूची लेना शुरू कर दी है। प्रदेश में करीब 150 या इससे अधिक शिक्षकों की इंक्रीमेंट पर तलवार लटक गई है। शिक्षा विभाग की जांच शाखा के पास संबंधित शिक्षकों की इंक्रीमेंट का मामला सौंपा जा रहा है। विभाग के पास अभी तक जिला स्तर से करीब एक दर्जन से अधिक केस आए हैं। इनमें से करीब आधा दर्जन मामलों को जांच शाखा के पास निर्णय के लिए भेज दिया गया है। शेष आ रहे इंक्रीमेंट मामलों को भी शाखा में भेज दिया जाएगा। जिन शिक्षकों या प्रवक्ताओं का अपने विषय का रिजल्ट लगातार दो साल तक तय मानकों के आधार पर खराब पाया जाएगा। उनकी इंक्रीमेंट पर जांच शाखा हमेशा के लिए भी रोक लगा सकती है। यह रिजल्ट की प्रतिशतता पर भी नजर रख कर निर्णय दिया जाएगा। हमीरपुर से 17 प्रवक्ता सूची में : शिक्षा उपनिदेशक सेकंडरी का कहना है कि हमीरपुर जिला से 17 प्रवक्ताओं का बोर्ड की परीक्षा में रिजल्ट प्रतिशतता कम पाई गई है। इसकी सूचना शिक्षा निदेशक को भेज दी गई है। इंक्रीमेंट रोकने का निर्णय निदेशालय स्तर पर भी होगा।