बांग्लादेश में हिंदू की हत्या; चार साल पहले किया गया कमेंट बना मौत की वजह

6 वर्ष पहले
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ढाका. बांग्लादेश के तांगेल जिले में शनिवार दोपहर एक हिंदू टेलर की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। बांग्लादेश की वेबसाइट ‘द डेली स्टार’ ने इस मामले में शुरुआती जानकारी दी है। बताया जाता है कि निखिल जोआदर नाम का यह शख्स दुकान में कपड़े सिल रहा था। उसी दौरान दो लोग बाइक आए और उसकी दुकान में घुस गए। कुछ ही देर में उन्होंने निखिल पर चाकू से वार किए और भाग निकले। निखिल की मौके पर ही मौत हो गई। जिंदा बम छोड़ गए हमलावर....
- निखिल दुबैल गांव में रहता था। आरोप है कि उसने 2012 में प्रॉफेट मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। हमलावरों ने इसका ही बदला लिया।
- पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो उसने वहां से एक थैला बरामद किया। इस थैले को हमलावर बम छोड़ कर गए थे। पुलिस को इसमें चार बम थे। इन्हें डिफ्यूज किया गया।
- बता दें कि हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं और इस्लाम के खिलाफ लिखने वाले कुछ ब्लॉगरों पर हमले बढ़े हैं।
- माना जा रहा है कि इस देश में आईएसआईएस का प्रभाव बढ़ रहा है।
बांग्लादेश में हिंदुओं के क्या हाल?
- दुनिया में हिंदू आबादी वाले तीन सबसे बड़े देशों में बांग्लादेश का नाम शामिल है।
- इसमें पहले नंबर पर भारत है- जहां करीब 97 करोड़ हिंदू आबादी है।
- इसके बाद नेपाल का नंबर है- जहां करीब ढाई करोड़ हिंदू आबादी है।
- इसके बाद बांग्लादेश का नंबर है- जहां करीब डेढ़ करोड़ हिंदू आबादी है।
- 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के वक्त बांग्लादेश को ईस्ट पाकिस्तान कहा जाता था, वहां हिंदू आबादी करीब 28 फीसदी थी।
- 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद 1981 में वहां हुई पहली जनगणना में हिंदू आबादी सिर्फ़ 12 फीसदी रह गई।
- 2011 की जनगणना के मुताबिक हिंदू आबादी 9 फीसदी से भी कम रह गई है।
- एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2013-2014 में बांग्लादेश के 20 जिलों में इस हिंदू विरोधी हिंसा में करीब 50 हिंदू मंदिर और 1500 हिंदुओं के घर तबाह कर दिए गए।
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