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दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का निधन

8 वर्ष पहले
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जोहान्सबर्ग। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार रात जोहान्सबर्ग में निधन हो गया। मंडेला पिछले दो साल से फेफड़े की बीमारी से ग्रस्त थे। नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त 95 वर्षीय मंडेला ने अपने घर में अंतिम सांस ली। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने उनके निधन की घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्र ने अपने सबसे महान बेटे को खो दिया है। हमारे लोगों ने अपने पिता को खो दिया। साथियो, नेल्सन मंडेला ने हमें एकजुट किया और हम सब साथ मिलकर उन्हें विदाई देंगे।'

विश्व भर के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक जाताया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि मंडेला न सिर्फ अपने समय के महानतम नेता थे बल्कि वो इतिहास के महानतम नेताओं में शामिल हैं। मंडेला के निधन पर शोक जताने वालों में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, प्रिंस विलियम्स सहित देश और दुनिया के कई नेता शामिल हैं।

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति को रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाने वाले प्रिय नेता के रूप में जाना जाता रहेगा। उनके जन्मदिन को संयुक्त राष्ट्र 'नेल्सन मंडेला डे' के रूप में मनाता रहा है। इसका मकसद पूरी दुनिया में शांति, स्वतंत्रता और समानता का संदेश फैलाना है। वो दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे। मंडेला को 1990 में भारत सरकार ने भारत रत्न से भी सम्मानित किया था। मंडेला ऐसे दूसरे गैर भारतीय थे, जिन्हें यह सम्मान मिला। उनके अतरिक्त पाकिस्तान के खान अब्दुल गफ्फार खान को भी 1987 में 'भारत रत्न' मिला था।

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