भारत से डरा ड्रैगन?US बोला- एटमी हथियारों को मॉडर्नाइज कर रहा चीन, ये बताई वजह

6 वर्ष पहले
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वॉशिंगटन. चीन अपने न्यूक्लियर वेपन्स को मॉडर्नाइज कर रहा है। इसकी वजह भारत, अमेरिका और रूस की बढ़ती डिफेंस कैपेबिलिटीज हैं। यूएस डिफेंस डिपार्टमेंट पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में ये बात कही हैं। यूएस की यह रिपोर्ट ऐसे वक्त आई है कि जब एक दिन पहले चीन के सरकारी मीडिया ने कहा था कि चाइना तिब्बत बॉर्डर पर मजबूती बढ़ा रहा है। उसने वहां तैनात पैरामिलिट्री फोर्स को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के दायरे में ला दिया है। कांग्रेस को सौंपी रिपोर्ट में ये बातें आईं सामने...
- पेंटागन ने शुक्रवार को कांग्रेस के सामने ये रिपोर्ट पेश की।
- रिपोर्ट के मुताबिक, चीन नई कमांड के साथ कंट्रोल और कम्युनिकेशन की नई टेक्नीक डेवलप कर रहा है। ताकि वह अपनी न्यूक्लियर ताकत को और बेहतर कर सके।
- रिपोर्ट में ये भी कहा गया है, 'चीन नई जेनरेशन की मोबाइल मिसाइल डेवलप कर रहा है। ये मिसाइलें वॉरहेड ले जाने में तो कैपेबल होंगी ही, साथ ही इन्हें मल्टीपल इंडीपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल्स (MIRVs) से दागा जा सकेगा।'
- चीन के इस तरह की चीजें डेवलप करने के पीछे अमेरिका और रूसी ISR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकनेसेंस) से बेहतर साबित होना है।
- रिपोर्ट के मुताबिक, 'भारत का एटमी ताकत के रूप में मजबूत होना चीन के हथियारों के मॉडर्नाइजेशन की अहम वजह है।'
'यूएस को काउंटर करने के लिए बना रहा टेक्नोलॉजी'
- पेंटागन के मुताबिक, 'चीन, अमेरिका समेत कई कंट्रीज को काउंटर करने के लिए बैलिस्टिक डिफेंस मिसाइल सिस्टम के लिए तेजी से काम कर रहा है।'
- 'इस सिस्टम में MIRVs, जैमिंग इक्विपमेंट्स और थर्मल शील्डिंग को शामिल किया गया है।'
- वहीं 2014 में चीन ने कहा था कि वह हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल का टेस्ट कर चुका है।
- पेंटागन ने ये भी कहा है, 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी सेकंड आर्टिलरी फोर्सेस (PLASAF) हर तरह की चुनौती का सामना करने की ट्रेनिंग दी जा रही है।'
- रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की न्यूक्लियर पॉलिसी ये कहती है कि वेपन्स को कहीं से भी दागा जा सके और दुश्मन से लड़ने के लिए कहीं भी आर्मी को डिप्लॉय किया जा सके।
- 'इसके लिए चीन न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन (SSBN) बना रहा है। इनमें से 4 को कमीशंड कर दिया गया है।'

चीन के एटमी जखीरे में अभी क्या?
- इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM)- 75-100
- CSS-4 Mod 2 (DF-5A)
- Mod 3 (DF-5B)
- CSS-10 Mod 1 और Mod 2 (DF-31 और DF-31A)- ये सॉलिड फ्यूल से चलने वाली मिसाइलें हैं।
- CSS-3 (DF-4)
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें : भारत के पास कितने परमाणु हथियार...
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