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जेपीएससी पीटी की आंसरशीट साथ ले जा सकेंगे परीक्षार्थी

8 वर्ष पहले
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रांची. झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा ली जाने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) की आंसरशीट अब अभ्यर्थी अपने साथ ले जा सकेंगे। आयोग ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। यह व्यवस्था फिफ्थ सिविल सेवा नियुक्ति परीक्षा से लागू होगी। इसके लिए एजेंसी नियुक्ति करने के लिए जल्दी ही टेंडर जारी किया जाएगा। सिविल सेवा परीक्षा को और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने यह फैसला लिया है। यह व्यवस्था लागू करने वाला जेपीएससी देश का पहला आयोग होगा।
फिफ्थ सिविल सेवा की पीटी का आंसरशीट (ओएमआर) पहले से अलग होगा। नई व्यवस्था के तहत आंसरशीट में कार्बन कॉपी लगी रहेगी। ऐसे में परीक्षार्थी परीक्षा समाप्त होने के बाद ऑरिजनल ओएमआर केंद्र पर जमा कर देंगे और कार्बन कॉपी साथ ले जा सकेंगे। इसके अलावा सभी अभ्यर्थियों के पेपर समान होंगे। पीटी रिजल्ट में स्केलिंग सिस्टम लागू नहीं होगा।
क्या होगा लाभ
-सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पारदर्शी होगी।
-अभ्यर्थी परीक्षा के तत्काल बाद आकलन कर सकेंगे कि उन्हें कितना मार्क्‍स आएगा।
-वेबसाइट पर पीटी का मॉडल आंसर जारी होने के बाद वे अपना ओएमआर चेक कर सकेंगे।
-पीटी का रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थियों में दुविधा की स्थिति नहीं रहेगी।
छवि सुधरेगी
झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा पूर्व में ली गई 12 परीक्षाओं और वित्तीय अनियमितताओं की जांच सीबीआई कर रही है। इससे जेपीएससी के प्रति लोगों में विश्वास की कमी हुई है। पारदर्शी तरीके से परीक्षा लेने से जेपीएससी की छवि में सुधार होगा।
आयोग ने दी है स्वीकृति
सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यर्थी अपने साथ आंसरशीट की कार्बन कॉपी ले जा सकेंगे। नए सिस्टम से परीक्षा लेने के प्रस्ताव पर आयोग ने स्वीकृति दे दी है।
सुमंत सिन्हा, परीक्षा नियंत्रक, जेपीएससी
सीमित प्रतियोगिता परीक्षा 2006 रद्द
झारखंड लोकसेवा आयोग ने उप समाहर्ता पद के लिए ली गई सीमित प्रतियोगिता परीक्षा 2006 को रद्द कर दिया है। इस परीक्षा का रिजल्ट अब तक जारी नहीं हुआ था। आयोग ने बुधवार को परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी किया। वर्ष 2006 में ली गई इस परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर व्यापक गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच की गई, जिसमें अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी। जांच एजेंसी के रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने इस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया।