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ट्रांस वर्ल्ड मुस्लिम यूनिवर्सिटी विधयेक पर हंगामा

9 वर्ष पहले
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जम्मू. जम्मू कश्मीर में ट्रांस वल्र्ड मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्थापित करने के मुद्दे पर पीडीपी विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा किया। मुख्य विपक्षी दल पीडीपी ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार के पास दोनों सदनों में बहुमत होने के बावजूद यूनिवर्सिटी को स्थापित करने के लिए पेश विधेयक को पारित नहीं करवाया जा रहा। सरकार के रवैये पर रोष जताते हुए पीडीपी विधायकों ने जोरदार हंगामा करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष ट्रांस वल्र्ड मुस्लिम यूनिवर्सिटी समेत दो अन्य यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विधानसभा में विधेयक पारित किया गया था लेकिन ऊपरी सदन ने इस विधेयक को सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया। शून्यकाल में पीडीपी विधायक जावेद मुस्तफा मीर ने ट्रांस वल्र्ड मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाते हुए यूनिवर्सिटी को स्थापित करने के लिए विधेयक को दोबारा सदन में लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष सदन ने इस विधेयक को पारित किया था, लेकिन विधान परिषद में इस विधेयक को चयन समिति के पास भेज दिया गया। दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक चयन समिति का गठन ही नहीं हुआ है। विधानसभा स्पीकर ने कहा कि जब तक विधान परिषद से विधेयक के बारे सूचना नहीं आती तब तक इसे दोबारा सदन में पेश नहीं किया जा सकता। जावेद मुस्तफा मीर समेत पीडीपी विधायक अपनी सीटों पर खड़े हो गए और जोरदार हंगामा किया। उन्होंने कहा कि अगर विधान परिषद ने कोई फैसला नहीं लिया है तो इस विधेयक पर स्पीकर को अपनी अधिकार का उपयोग कर राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजना चाहिए। जब स्पीकर ने पीडीपी विधायकों के तर्क पर अपना पक्ष रखा तो गुस्साए जावेद मुस्तफा मीर ने विधेयक के दस्तावेज सदन में फाड़ कर उछाले और बेल के निकट आ गए। कानून मंत्री अली मोह मद सागर ने कहा कि विधेयक चयन समिति के पास है और वहां से वापस आने पर इसे दोबारा सदन में लाया जाएगा। इस विधेयक के साथ दो और यूनिवर्सिटी के विधेयक लटके हुए हैं। जावेद मुस्तफा मीर ने कहा कि नई दिल्ली से सरकार को सिगनल नहीं मिला है, जिसकी वजह से विधेयक लटक गया। उन्होंने कहा कि राज्य में कौन सा लोकतंत्र चल रहा है जहां अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है। पीडीपी के निजामुद्दीन बट, पैंथर्स पार्टी के हर्षदेव, नेकां के मीर सैफुल्लाह ने नियमों का हवाला देते हुए विधेयक को पारित करवाने का पक्ष रखा। स्पीकर ने विश्वास दिलाया कि ऊपरी सदन से वह विस्तृत जानकारी लेकर उसके बाद पक्ष रखेंगे।