पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम सहित तीन को उम्रकैद

9 वर्ष पहले
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मुलताई। प्रदेश में लगभग डेढ़ दशक पहले हुए बैतूल जिले के बहुचर्चित मुलताई गोलीकांड मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने अपना फैसला देते हुए पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम समेत तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। तीनों को अदालत ने गुरुवार को फायर ब्रिगेड के चालक की हत्या का दोषी ठहराया था। अपर सत्र न्यायाधीश एससी उपाध्याय ने डॉ. सुनीलम के साथ ही प्रहलाद अग्रवाल और शेषू उर्फ शेषराव को भी यह सजा सुनाई।

तत्कालीन टीआई एसएन कटारे की हत्या के प्रयास के मामले में भी डॉ. सुनीलम को सात साल कैद और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। गोलीकांड के दौरान ही लोक संपत्ति हानि निवारण अधिनियम के तहत भी मामले में भी तीनों को दोषी ठहराया गया। उन्हें 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड और एक-एक साल की सजा सुनाई।

मुझे जो सजा मिली है वह उन षड्यंत्रकारियों का काम है जिन्होंने मुझ पर 8 बार जानलेवा हमले करवाए हैं।
- डॉ. सुनीलम,

क्या है मामला

12 जनवरी 1998 को क्षेत्र के किसान खराब फसल के मुआवजे की मांग को लेकर डॉ. सुनीलम के नेतृत्व में तहसील कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान आंदोलन ने उग्र रूप लिया और किसानों ने तहसील कार्यालय परिसर में खड़ी नगर पालिका बैतूल के फायर ब्रिगेड वाहन में तोडफ़ोड़ कर दी। इस दौरान वाहन चालक धीरसिंह के साथ मारपीट भी की गई थी। इससे उसकी मौत हो गई। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस को फायरिंग करना पड़ी। इसमें 24 आंदोलनकारियों की मौत हुई और लगभग 100 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। चालक धीरसिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने डॉ. सुनीलम सहित 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।