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मल्टीप्लेक्स में फिल्म रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर बेच देते थे

9 वर्ष पहले
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इंदौर। नई फिल्मों की पायरेसी कर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बेचने वाले दो युवकों को क्राइम ब्रांच ने सोमवार को गिरफ्तार किया। उनमें एक आठवीं और दूसरा 12वीं फेल है। दोनों शहर के दो मल्टीप्लेक्स से मोबाइलनुमा कैमरे से फिल्म रिकॉर्ड कर हाई क्वालिटी में इंटरनेट पर बेचते थे। उनके तार भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, गुजरात, राजस्थान, नई दिल्ली, लाहौर, कराची व सिंगापुर से जुड़े हैं।

एसपी रुडोल्फ अलवारिस ने बताया एक साल से मोशन पिक्चर्स एसोसिएशन मुंबई के अधिकारी इंदौर से फिल्म पायरेसी की शिकायतें कर रहे थे। इस आधार पर जांच करते हुए टीम ने रूपेश (28) पिता नर्मदाप्रसाद जायसवाल निवासी टेलीफोननगर व टीनू (2५) उर्फ महेंद्र पिता भारत फकीरचंद शर्मा निवासी रघुवंशी कॉलोनी को गिरफ्तार किया।

उन्होंने हार्डिया कम्पाउंड नौलखा में दो कमरे किराए से ले रखे थे। यहां वे रूपेश कम्युनिकेशन दुकान की आड़ में यह धंधा चला रहे थे। वे शुक्रवार को फिल्म रिलीज होते ही पहला शो सत्यम मल्टीप्लेक्स के स्काय लाउंज या वैलोसिटी में देखतेे थे। वहां फिल्म रिकॉर्ड कर शाम तक इंटरनेट और बाजार में जारी कर देते थे।

सर्वर यूरोपियन कंपनी और लोगो यमराज का

एएसपी जितेंद्रसिंह ने पॉवर पाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि आरोपी किस तरह फिल्म अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बेचते थे। टीनू 12वीं फेल होने के बावजूद तकनीकी रूप से दक्ष है। उसने यूरोपियन कंपनी ओवीएच से एक हजार जीबी की स्पेस वाला क्लाउड सर्वर स्पेस किराए पर ले रखा है। फिल्म को वे इस स्पेस में लोड कर पासवर्ड से लॉक कर देते थे।

उनकी हर फिल्म पर यमराज का लोगो रहता था, जिससे उन्हें ख्याति मिलने लगी। इसके बाद चेटिंग के जरिए ग्राहकों से संपर्क कर ट्रेलर भेजते थे। क्वालिटी के हिसाब से फिल्म की दर २५ हजार से 3.25 लाख रुपए के बीच तय होती। सौदा तय होते ही टीनू ग्राहक के ई-मेल पर लिंक फॉरवर्ड करता। उस पर क्लिक करने से ग्राहक को टीनू के सर्वर का लिंक मिल जाता और पासवर्ड के जरिए वह फिल्म डाउनलोड कर लेता।

दिल्ली और ग्वालियर के लड़कों से भी प्रतिस्पर्धा

आठवीं फेल रूपेश दिल्ली और ग्वालियर के लड़कों से फिल्में लेकर इंदौर में डीवीडी बनाकर बेचता था। बाद में उसने टीनू को पांच हजार रु. की नौकरी पर रखा। बाद में दोनों पार्टनर बन गए। उन्हें लगा कि क्यों न वे खुद टॉकीज से फिल्म कॉपी कर बेचना शुरू कर दें। उन्होंने दिल्ली व ग्वालियर के लड़कों से प्रतिस्पर्धा शुरू कर दी। वे इंटरनेट पर फिल्म बेचने के अलावा मास्टर डीवीडी बनाकर कोरियर के जरिए विभिन्न राज्यों में सप्लाय करते थे।

इंटरनेट शॉपिंग से खरीदा २५ हजार का कैमरा

आरोपियों ने पहले साधारण मोबाइलनुमा कैमरे से फिल्में उतारीं, फिर इंटरनेट शॉपिंग से २५ हजार का उन्नत कैमरा खरीदा। इसके जरिए वे हाई क्वालिटी की फिल्में कॉपी कर लेते थे। कैमरा मोबाइल जैसा दिखता था तो उन्हें टॉकिज में जाने से कोई नहीं रोकता था।

तीन बैंकों में मिले खाते

तीन बैंकों में आरोपियों के खाते होने की जानकारी मिली है। उनमें वे रुपए नेटबैंकिंग व अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन करने वाली पे-पाल साइट के जरिए बुलाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से आयरनमैन-3, आशिकी-2सहित अन्य फिल्मों की 200 से ज्यादा डीवीडी जब्त की हैं। आरोपियों पर भंवरकुआं थाने में केस दर्ज किया है।