फीफा वर्ल्ड कप में इंदौर का शेअर, बना रहे 10 हजार स्क्वेयर फीट का आर्ट वर्क

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भोपाल. फीफा वर्ल्ड कप 2022 में पूरी दुनिया फुटबॉल मैच के साथ शहर के कलाकार का आर्ट भी देखेगी। नेल आर्टिस्ट वाजिद अली खान 10 हजार स्क्वेयर फीट का एक स्कल्प्चर बना रहे हैं जो कतर में मुख्य स्टेडियम के बाहर लगाया जाएगा। 2 हजार से ज्यादा प्लास्टिक पाइप्स से बनने वाले इस आर्ट वर्क को तैयार होने में 5 साल का समय लगेगा। वाजिद इसे शहर में ही तैयार कर रहे हैं।
कैनवस, कूची और रंगों की जगह लकड़ी पर कीलों से कल्पनाएं उकेरने वाले यह कलाकार हैं शहर के वाजिद अली खान। प्लाय पर कीलों से बनाने के अपने इस हुनर को वाजिद पेटेंट भी करा चुके हैं।

पेंटिंग में हर डायरेक्शन से नज़र आएगा अलग चेहरा

वाजिद अली खान ने बताया- स्कल्प्चर को बनाने के लिए दुबई की गल्फ लायन ट्रेडिंग कंपनी ने मुझे कॉन्ट्रैक्ट दिया है। तकरीबन 100 बाय 100 के सर्फेस पर बनने वाले इस वर्टिकल स्कल्प्चर में ब्लैक कलर के 2 हजार प्लास्टिक पाइप्स का इस्तेमाल होगा। इसकी खासियत यह है कि फ्रंट से देखने पर दुबई किंग का फेस, बैक साइड से वर्ल्ड कप लोगो, लेफ्ट से फीफा प्रेसीडेंट का फेस और राइट साइड से कतर फुटबॉल के कैप्टन का फेस नज़र आएगा।
एक ही शर्त, शहर में बनाऊंगा
स्कल्प्चर का ऑर्डर देने वाली कंपनी चाहती थी कि वाजिद इसे दुबई में तैयार करें लेकिन वाजिद इसे शहर में ही तैयार करना चाहते थे ताकि पूरी दुनिया को मालूम हो कि यह आर्ट हिंदुस्तान और यहां भी इंदौर में तैयार हुआ है। इस शर्त की वजह से एक बारगी कॉन्ट्रैक्ट पर खतरा भी आ गया था। वाजिद ने इसे बनाने के लिए देवास और पीथमपुर में गोडाउन किराए पर लिए हैं। वहीं इसे बनाएंगे।
पेटेंट के बाद लाख की पेंटिंग 50 लाख में
वाजिद ने 2012 में पेटेंट फाइल किया था। अब उन्हें कीलों के आर्ट के लिए पेटेंट मिल चुका है। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि पेटेंट अपने इनोवेशन को कानूनी तौर पर अपना कहने का ज़रिया है। नेल आर्ट के बारे में कोई भी इंटरनेट पर देखेगा तो मेरा नाम इसे बनाने वाले सबसे पहले आर्टिस्ट के तौर पर सामने आएगा। यह फायदेमंद भी है। जो पेंटिंग पहले 1 लाख में नहीं बिक रही थी, वह अब 50 लाख रुपए में बिक रही है।