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1300 साल पुरानी मस्जिद में आते हैं टूरिस्ट, पहली बार हुई महिलाओं की एंट्री

6 वर्ष पहले
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कोट्टायम. एक ओर जहां देश के कुछ धार्मिक स्थानों पर महिलाओं की एंट्री पर घमासान चल रहा है। वहीं, केरल की तझातंगाड़ी जुमा मस्जिद ने अपनी 1000 साल पुरानी परांपरा तोड़कर महिलाओं को अंदर जाने की एंट्री दी है। मस्जिद ने कुछ शर्तों के साथ रविवार को पहली बार महिलाओं को अंदर घुसने की परमिशन दी। ये एक सुन्नी मस्जिद है, जो 8th सेन्चुरी में बनी थी। दो दिन अंदर जा सकेंगी महिलाएं...
- मस्जिद में महिलाओं को दो दिन यानी 24 अप्रैल और 8 मई को अंदर जाने की परमिशन मिली है।
- लेकिन इस दौरान नमाज नहीं पढ़ सकेंगी और न ही ट्रेडिशनल रिचुअल्स में शामिल हो सकेंगी।
- मौलवी सिराज-उद-दिन हसन ने कहा- 'हम महिला और पुरुषों की एकसाथ गेदरिंग को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। महिलाओं को मस्जिद के अंदर ट्रेडिशनल रिचुअल्स की परमिशन नहीं होगी। इनके लिए अलग से अरेंजमेंट होंगे।'
- 'हजारों साल पुरानी मस्जिद को देखने के लिए दुनियाभर से टूरिस्ट आते हैं और वे इसे एन्जॉय करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ हमारी महिलाएं इसे अब तक नहीं देख पाई हैं।'
- 'उनकी डिमांड पर हम दो दिन के लिए महिलाओं को अंदर जाने की परमिशन दे रहे हैं।'
विरोध के बाद मिली इजाजत
- मस्जिद एडमिनिस्ट्रेशन के सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला भारी विरोध के बीच लिया गया है। वहीं, महिलाओं ने इसका स्वागत किया है।
- मस्जिद के पास रहने वाली 19 साल की मेहरीन अमीना का कहना है- 'यह सही फैसला है, मुझे विश्वास है कि एक दिन मैं अंदर नमाज भी पढूंगी।'
- स्मिता दिलीप ने कहा- 'शादी के बाद 15 साल पहले मैं यहां आई थी। बच्चों से पूछती हूं कि मस्जिद अंदर से कैसी है? क्योंकि इसे हजारों टूरिस्ट देखने आते हैं।'
- कुछ दिन पहले शनि शिंगणापुर मंदिर में 400 पुरानी परंपरा खत्म कर महिलाओं को चबूतरे पर जाने और पूजा की इजाजत मिली है।
- इसके बाद नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में भारी विरोध के बाद महिलाओं ने गर्भगृह में जाकर पूजा की है।
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