TV के कंटेंट की कैसे कर सकते हैं शिकायत, जानिए अभी

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. टीवी कंटेंट से जुड़ी शिकायतें सुनने वाली संस्था बीसीसीसी के समक्ष पिछले तीन साल में साढ़े चार हजार मामले पहुंचे हैं। आइए जानते हैं किन मुद्दों से जुड़ी हैं ये शिकायतें और इन पर क्या एक्शन लेती है बीसीसीसी...
ब्रॉडकास्ट कंटेंट कम्प्लेंट काउंसिल (बीसीसीसी) की सख्ती का असर टीवी पर परोसे जा रहे नग्नता और अश्लीलता से जुड़े कंटेंट पर दिखने लगा है। इस कंटेंट से जुड़ी शिकायतों में 6 गुना कमी आई है। जनवरी 2012 में आई काउंसिल की रिपोर्ट में ऐसी शिकायतों की संख्या 47 प्रतिशत थी, इस बार ये महज 8 फीसदी हैं। हालांकि आहत करने वाले और धर्म-समुदाय से जुड़े मुद्दों पर सावधानी की अब भी कमी है।

> 27676 शिकायतों का निपटारा बीसीसीसी ने 2011 में अपने गठन से लेकर इस साल अगस्त तक किया है। वैसे जुलाई 2012 से अगस्त 2015 के बीच काउंसिल के पास 4545 विशेष शिकायतें आई हैं। इन्हें सात कैटेगरी में बांटा गया है।
शराब और धूम्रपान
01 फीसदी शिकायतें कलाकारों को धूम्रपान करते पेश करने तथा शराब व नशीले पदार्थों के सेवन के दृश्यों के प्रसारण से जुड़ी हैं। इन दृश्यों से पैरेंट्स खफा हैं।
आम बंदिशें
02 फीसदी शिकायतें इस कैटेगरी में हैं। इनमें देश का गलत नक्शा दिखाना, राष्ट्रीय ध्वज का अपमान और अदालत की कार्यवाही को गलत तरीके से दिखाना शामिल है।
नग्नता व अश्लीलता
08 प्रतिशत ने टीवी शोज में अभद्र भाषा के इस्तेमाल तथा अश्लीलता को लेकर शिकायत की है। विशेषकर अंग्रेजी कार्यक्रमों के कंटेंट की।
डर और तंत्र-मंत्र
11 प्रतिशत शिकायतें डरावने व अंधविश्वास फैलाने वाले शोज की हैं। शिकायत करने वाले ज्यादातर लोगों ने इनके प्रसारण समय पर सवाल उठाए हैं।
अपराध व हिंसा
11 फीसदी शिकायतें क्राइम शोज के बारे में आई हैं। खासकर इनमें दिखाई जाने वाली शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से लोग आहत हुए हैं।
धर्म व समुदाय
28 प्रतिशत ने धार्मिक व पौराणिक कथाओं पर आधारित कार्यक्रमों को लेकर शिकायतें की हैं। इनका मानना है कि कुछ शोज तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
भावनात्मक ठेस
39 फीसदी शिकायतें विकलांग, बाल विवाह, शोषण, महिलाओं का रूढ़िवादी चित्रण और सार्वजनिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले कंटेंट के प्रसारण से जुड़ी हैं।

कैसे कर सकते हैं शिकायत?
टीवी पर आपत्तिजनक कंटेंट दिखाए जाने पर कोई व्यक्ति या समूह संबंधित चैनल के स्टैंडर्ड एंड प्रैक्टिस डिपार्टमेंट को शिकायत कर सकता है। शिकायत कहां करना है इसके लिए प्रत्येक चैनल टीवी स्क्रीन पर सूचना का प्रकाशन करता है। अगर चैनल की ओर से दो हफ्तों के भीतर कोई जवाब नहीं आता तो शिकायतकर्ता अगले एक हफ्ते के बीच बीसीसीसी के समक्ष आपत्ति दर्ज करवा सकता है। व्यक्ति चाहे तो कार्यक्रम प्रसारण के 14 दिनों के अंदर बीसीसीसी से सीधे भी शिकायत कर सकता है।
> शिकायत के लिए www.ibfindia.com पर जाकर कम्प्लेंट फॉर्म भरा जा सकता है। या शिकायतकर्ता bccc@ibfindia.com पर ई-मेल कर सकता है।
> अगर कोई पत्र के जरिए शिकायत करना चाहे तो इस पते पर कर सकता है- इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन, बी-304, अंसल प्लाजा, खेलगांव मार्ग, नई दिल्ली।
> हालांकि पत्र में शिकायतकर्ता का नाम, उम्र व पते का उल्लेख होना जरूरी है। इसके अलावा टीवी चैनल, कार्यक्रम का नाम और उसके प्रसारण की तारीख व समय भी स्पष्ट होना चाहिए।
> कार्यक्रम के किस दृश्य से आपत्ति है, उसका भी संक्षेप विवरण होना जरूरी है।
क्या है बीसीसीसी?
चैनलों के लिए दिशा-निर्देश जारी करने व कार्यक्रमों से जुड़े सुधारात्मक उपाय सुझाने के लिए जून 2011 में भारतीय प्रसारण संघ ने बीसीसीसी का गठन किया गया था। इसमें 13 सदस्य हैं। यह काउंसिल न केवल दर्शकों से मिलने वाली शिकायतों की, बल्कि गैर सरकारी संगठनों व सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं की भी समीक्षा करती है।