पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भारत की सख्ती: गंभीर मामलों में नहीं मिलेगी अमेरिकी राजनयिकों को छूट

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली. अपनी राजनयिक देवयानी खोबरागड़े से बदसलूकी के बाद भारत ने रुख और सख्त कर लिया है। देश में अमेरिका के चार वाणिज्य दूतावास हैं। वहां मौजूद अमेरिकी राजनयिकों को नए आईकार्ड जारी किए गए हैं। उन्हें अब गंभीर आपराधिक मामलों में कोई छूट नहीं मिल पाएगी। उनके परिवार के सदस्यों से भी विशेष आईकार्ड वापस ले लिए गए हैं।
इसका मतलब ये है कि अमेरिकी राजनयिकों के पास अब उतने ही अधिकार होंगे, जितने अमेरिका में भारतीय राजनयिकों को मिले हैं। तलाशी के लिए उन्हें भी कतार में लगना होगा। अब अमेरिकी राजनयिक भारत आने के छह महीने तक ही जरूरत की चीजें आयात कर सकेंगे। पहले उन्हें तीन साल तक आयात की मंजूरी मिली थी। पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रहे जी. पार्थसारथी का कहना है कि इन कदमों से दोनों देश के आपसी संबंधों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। यह सिर्फ एक जवाबी कदम है।
कागजात की जांच कर रहा है अमेरिका
वीजा धांधली के आरोप के बाद न्यूयॉर्क के भारतीय दूतावास में पदस्थ उप महा वाणिज्यदूत देवयानी को 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। उनकी कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई। संगीन अपराधियों के साथ उन्हें रखा गया। देवयानी के जमानत पर रिहा होते ही भारत ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र स्थित अपने स्थायी मिशन में पदस्थ कर दिया। ताकि उन्हें बतौर राजनयिक पूरी छूट मिल सके। इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र से कागजात अमेरिकी प्रशासन को भेजे गए हैं। अमेरिका इनकी जांच कर रहा है।
विवाद के बीच अमेरिका पहुंचे नए राजदूत
राजनयिक विवाद के बीच एस. जयशंकर अमेरिका में भारत के नए राजदूत का पद ग्रहण करने पहुंच गए हैं। वे इससे पहले चीन में राजदूत थे। वे नए साल के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को अपना पहचान-पत्र सौंपेंगे। जयशंकर की भारत-अमेरिका परमाणु करार में अहम भूमिका थी। वे निरुपमा राव का स्थान लेंगे।
सोनिया के वकील का भारत से अनुरोध
अमेरिकी अदालतों में कांग्रेस और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का प्रतिनिधित्व करने वाले रवि बत्रा ने भारत से अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि भारत नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में सुरक्षा इंतजाम मजबूत करे। वहां फिर से अवरोधक लगाए जाएं, जिन्हें हाल ही में हटाया गया था।