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'स्‍कर्ट-ब्लाउज पहन रात को निकलती हैं अकेली तो रेप होगा ही'

10 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. बलात्कार और उससे पीड़ित महिलाओं को लेकर पुलिस के रवैये का खुलासा करने वाले तहलका के स्टिंग ऑपरेशन में पुलिस वालों ने महिलाओं के साथ रेप के लिए जिम्मेदार 6 कारण गिनाए हैं। पुलिस के मानकों के मुताबिक सभी महिलाओं के साथ रेप होने की आशंका है।





पहला कारण





महिलाएं हमेशा सलवार कमीज या साड़ी नहीं पहनती हैं। रात को लड़की घर से निकलती है, वो भी मिनी स्‍कर्ट पहन कर। चौराहे पर जाकर वो लिफ्ट मांगती है और कुछ अनजान युवक उसे लिफ्ट देते हैं और फिर सुबह खबर आती है कि दिल्‍ली में चलती कार में एक युवती से बलात्‍कार हो गया। फरीदाबाद के सेक्टर 31 थाने के एएसएचओ सतबीर सिंह ने स्टिंग ऑपरेशन में कहा, 'लड़कियों को यहां से यहां तक (पूरे शरीर को) ढंकना चाहिए। वे स्कर्ट पहनती हैं, ब्लाउज पहनती हैं, लेकिन पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े नहीं पहनती हैं और दुपट्टा नहीं डालती हैं। अपना दिखावा करती हैं तो बच्चा उसकी तरफ आकर्षित होता है।'





स्टिंग के मुताबिक सूरजपुर थाने के इंचार्ज अर्जुन सिंह कहा, 'वह इस तरह से कपड़े पहनती हैं कि लोग उसकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं। मेरा तो यहां तक मानना है कि महिलाएं इसीलिए ऐसा करती हैं कि लोग उनके साथ कुछ करें।' इन दलीलों के जरिए यही बात साबित करने की कोशिश की गई है कि अगर महिला ने सिर से लेकर पांव तक अपने आप को कपड़ों से नहीं ढंका हुआ है तो उसके साथ बलात्कार होना पक्का है।





दूसरा कारण





अगर कोई लड़की किसी एक लड़के के साथ शारीरिक संबंध बनाती है तो उसके साथ लड़के के अलावा उसके दोस्त भी रेप कर सकते हैं। गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम थाने के इंचार्ज धरमवीर सिंह ने कहा, 'ऐसा बहुत ही कम होता है कि किसी एक लड़की को 10 लड़के उठा लें। अगर कोई लड़की लड़कों से भरी कार में बैठती है तो वह निर्दोष नहीं हो सकती है। अगर वह ऐसा करती है तो उसका किसी न किसी लड़के के साथ रिश्ता है।'





तीसरा कारण





वह शराब पिए हुए लोगों के साथ रहती है, तो उसके साथ रेप हो सकता है। क्या किसी अजनबी के साथ शराब पीना भारत में गलत फैसला है? पुलिस का मानना है कि शराब और मौका रेप के लिए जरूरी माहौल तैयार करते हैं और यही रेप की वजह होते हैं।





गुड़गांव के सेक्टर 40 थाने के रूपलाल ने इस मामले में अपना तर्क रखा, 'जैसे हम लोग बैठे हैं, ज़्यादा दारू पी ली। फिर तो ऐसा ही होगा। रात भर रख ली। वह इस बात का अपने घर वालों को क्या जवाब देगी। वह एक घंटे के लिए कहकर गई और पूरी रात ही बाहर रह गई। तो मां-बाप तो पूछेंगे। भाई भी पूछेगा। जिनका समाज है, वे तो पूछते हैं।'





चौथा कारण





अगर किसी लड़की की मां का चरित्र ठीक नहीं है तो उसकी बेटी के साथ रेप होने की काफी आशंका रहती है। 10 वीं में पढ़ने वाली लड़की के साथ कुछ दिनों पहले नोएडा में हुए गैंग रेप मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी राम मलिक के मुताबिक, 'लड़की की मां तलाकशुदा है। वह यादव समुदाय के एक पुरुष के साथ रह रही है। महिला की उम्र 48 जबकि पुरुष की उम्र 28 है। ऐसे में इस बात की पूरी आशंका है कि लड़कियां भटक सकती हैं।'





पांचवां कारण





अगर महिला समाज के ऊंचे तबके से आती है तो वह रेप का शिकार बनेगी। समाज के उच्च वर्ग की महिलाओं को सलीके से कपड़े पहनना नहीं आता है। इस वजह से वे मुसीबत को न्योता देती हैं। 'तहलका' ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में 30 पुलिस वालों से बात की। इनमें से 17 ने माना कि बलात्कार की 'वास्तविक' घटनाएं बहुत कम होती हैं।





70 फीसदी मामलों में सेक्स रजामंदी से होता है। लेकिन जब कोई ऐसा देख लेता है या पैसे की मांग पूरी नहीं होती है तो इसे रेप में तब्दील कर दिया जाता है। सेक्टर-24 थाने के सब इंस्पेक्टर मनोज रावत ने इस बारे में कहा, 'एनसीआर में ज़्यादातर मामले (रेप के) आपसी रजामंदी से होते हैं। मेरी निजी राय में पूरे एनसीआर में एक या दो फीसदी ही वास्तविक रेप के केस होते हैं।'





छठा कारण





अगर किसी महिला ने पुलिस में शिकायत की है तो उसके साथ रेप होना बड़ी बात नहीं है। पुलिस का यह भी कहना है कि जो महिला रेप की शिकायत लेकर थाने आती है, वह 'धंधे' में लिप्त होती है। नोएडा के सेक्टर 39 थाने के दरोगा योगेंद्र सिंह तोमर ने इस बारे में स्टिंग ऑपरेशन में बोले, 'उसके लिए (रेप से पीड़ित के लिए) आसान नहीं होता।





बेइज़्ज़ती से सभी डरती हैं। अखबार बाजी से भी डरती हैं। असलियत में वही आती (रेप की शिकायत लेकर थाने) हैं जो धंधे में लिप्त होती हैं।' दूसरे शब्दों में अगर आपके साथ वाकई रेप हुआ है तो आप कभी शिकायत नहीं करेंगी। लेकिन अगर आपने शिकायत कर दी तो पुलिस यह मानेगी ही नहीं कि आपके साथ रेप हुआ है।