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सर्वर में अटका 400 डॉक्टरों का भविष्य!

9 वर्ष पहले
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जयपुर,राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से आठ परीक्षा केन्द्रों पर ऑनलाइन प्रीपीजी मेडिकल/डेंटल परीक्षा 2012 कराई गई। ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को छोड़कर सभी केन्द्रों पर परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली थी। सीतापुरा स्थित इंस्टीट्यूट में तकनीकी गड़बड़ी और पासवर्ड समय पर नहीं मिलने से परीक्षा समय पर शुरू नहीं हुई, जिसका खमियाजा राज्यभर से परीक्षा देने केन्द्र पर पहुंचे 400 छात्रों को उठाना पड़ा। छात्रों का आरोप था कि सर्वर की धीमी गति के कारण परीक्षा निर्धारित समय से 1 घंटा देर से शुरू हुई। इससे अधिकतर छात्रों ने कमरों के बाहर आकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। आरयूएचएस की रजिस्ट्रार अनुप्रेरणा कुंतल ने छात्रों को समझाइश का प्रयास भी किया, लेकिन डॉ भुवनेश बंसल और डॉ एसएन सक्सेना ने परीक्षा केन्द्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। उनका आरोप था कि परीक्षा में पूछे गए 60 फीसदी प्रश्न डीएनएस परीक्षा 2008, 2009, 2010 में से थे। छात्रों की मांग थी कि सभी केन्द्रों की परीक्षा स्थगित होनी चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 14 फरवरी को दुबारा परीक्षा कराने के निर्णय को कोर्ट में चुनौती देने का फैसला लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा संबंधी जानकारी वेबसाइट पर अपडेट कर दी है। वहीं परीक्षा में तकनीकी खामियों की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर, शीघ्र रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया। "परीक्षा में तकनीकी खराबी के कारण समस्या आई है। छात्रों के लिए समान स्तर के कई प्रश्नपत्र तैयार करवाए थे। ऐसे में छात्रों का पर्चा आउट होने का आरोप निराधार है। इस केन्द्र की परीक्षा 14 फरवरी को दोपहर 2 से 5 बजे तक होगी।" अनुप्रेरणा कुंतल, रजिस्ट्रार, राजस्थान स्वास्थ्य एवं विज्ञान विश्वविद्यालय