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हाई कोर्ट का आदेश: 55% से कम अंक वालों को RTET प्रमाण पत्र न दें

9 वर्ष पहले
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जयपुर.हाई कोर्ट ने आरटेट 2012 में 55 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। साथ ही पंचायती राज सचिव, एनसीटीई निदेशक व बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन अजमेर के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायाधीश एम.एन.भंडारी ने यह अंतरिम आदेश मंगलवार को दीपेन्द्र कुमार शर्मा की याचिका पर दिया।













अधिवक्ता विज्ञान शाह ने बताया कि एनसीटीई ने 29 जुलाई 2011 की अधिसूचना से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम प्राप्तांक साठ प्रतिशत में पांच प्रतिशत की छूट दी थी, लेकिन सरकार ने आरटेट 2012 की विज्ञप्ति में आरक्षित वर्ग सहित विधवा, तलाकशुदा, निशक्त व अन्य वर्ग को पांच प्रतिशत से ज्यादा छूट दी और आरटेट परीक्षा आयोजित की। इससे सामान्य वर्ग के प्रार्थी के हित प्रभावित होंगे।













बीएसटीसी प्रथम वर्ष में आरटेट करने वालों को नियुक्ति नहीं दें :













हाईकोर्ट ने प्रदेश की सभी जिला परिषदों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे अभ्यर्थियों को तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर नियुक्ति नहीं दें जिन्होंने बीएसटीसी कोर्स के प्रथम वर्ष में ही आरटेट 2011 परीक्षा पास कर ली थी।













साथ ही राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर को निर्देश दिया है कि वह आरटेट 2012 में अभ्यर्थियों की योग्यता के दस्तावेजों को जांचे बिना उन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं करें। अदालत ने यह अंतरिम आदेश नरेश नामा की याचिका पर दिया।







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